मुंबई : महाराष्ट्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  (एडीजी) और आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) के पूर्व प्रमुख हिमांशु रॉय ने शुक्रवार को अपने निवास पर आत्महत्या कर ली. कुछ दिनों से वे कैंसर से पीड़ित चल रहे थे. शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि बीमारी के चलते अवसाद में आकर उन्होंने आत्महत्या कर ली. उन्होंने अपने मुंह में रिवाल्वर रखकर खुद को गोली मारी. इसके बाद उन्हें बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हिमांशु रॉय 1988 बैच के आईपीएस अफसर थे . Also Read - किसी ने गाड़ी से चुरा लिया 'नागिन' का हैंडबैग, निया शर्मा पुलिस से बोलीं...

हिमांशू रॉय की सुसाइ की खबर मिलने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर दत्ता पडसलगीकर बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे थे. आईपीएस रॉय की डेडबॉडी को जीटी हॉस्पिटल लाया गया है. शायद  इस हॉस्पिटल में उनका पीएम हो सकता है. हिमांशु रॉय बोन मैरो कैंसर से पीड़ित थे और वे विदेश में भी इलाज करवा रहे थे.. Also Read - रिया चक्रवर्ती की शिकायत पर सुशांत की बहनों पर FIR, सीबीआई ने मुंबई पुलिस को फटकारा

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से बीमार रहने के कारण वे ऑफिस भी नहीं आ पा रहे थे. आईपीएस हिमांशु रॉय महाराष्ट्र में अखिल भारतीय सेवा के दिग्गज और चर्चित अफसर रहे हैं. उन्होंने, स्पॉट फिक्सिंग दाउद के भाई इकबाल कासकर और उसके ड्राइवर अरिफ के खिलाफ फायरिंग प्रकरण, पत्रकार जेडे मर्डर, विजय पलांडे, लैला खान डबल मर्डर मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में बिंदु दारा सिंह को भी अरेस्ट किया था.

हिमांशु रॉय 1995 में नाशिक में एसपी ग्रामीण, अहमदनगर में एसपी, नासिक में आर्थिक अपराध विभाग में पुलिस उपायुक्त रहे. 2009 में मुंबई में पुलिस के सह आयुक्त रहे. उन्होंने सायबर सेल में भी काम किया. उन्हेंने महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली. राय वर्तमान में एडीजी पद पर तैनात थे.
23 जून 1964 को जन्मे हिमांशु रॉय के पिता मुंबई के एक फेमश डॉक्टर थे. हिमांशु शुरुआत में एक डॉक्टर बनना  चाहते थे. लेकिन बाद में उनका इरादा बदल गया . उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से कॉमर्स में ग्रैजुएट करने के बाद सीए की परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने आईपीएस क्वालिफाई किया और महाराष्ट्र कैडर में ही आईपीएस के तौर पर 30 साल नौकरी की.

(इनपुट एजेंसी)