लखनऊ: यूपी पावर कॉर्पोरेशन (UPPCL) के कर्मचारियों के पीएफ का गलत तरीके से निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक ए.पी. मिश्रा को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि यह गिरफ्तारी पावर कॉर्पोरेशन में कर्मचारियों के पीएफ के करीब 2,600 करोड़ रुपए का गलत तरीके से प्राइवेट कंपनी डीएचएफएल (DHFL) में निवेश किए जाने के मामले में हुई है.

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उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों के पीएफ के 2,631 करोड़ों रुपए का अनियमित तरीके से डीएचएफएल (DHFL) में निवेश किए जाने के मामले में शनिवार को सीपीएफ ट्रस्ट और जीपीएफ ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव पी के गुप्ता और तत्कालीन निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी के खिलाफ मामला दर्ज कर इन दोनों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.

सरकार ने मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराने की सिफारिश की है. सीबीआई द्वारा जांच अपने हाथ में लिए जाने से पहले मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को दी गई है. मामले पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि भविष्य निधि की धनराशि के निवेश मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सरकार सुनिश्चित करेगी कि किसी का अहित न हो.