पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इशारों-इशारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि जो लोग पिछले 50-55 सालों के कांग्रेस के शासन की आलोचना करते हैं वे शायद यह भूल गए हैं कि किस स्थिति से हमने काम करना शुरू किया था और किस स्थिति में हमने उसे लाकर उसे छोड़ा था. उन्होंने कहा कि अगर भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की बनती है तो इसके पीछे एक मजबूत आधार है. वह आधार उस 1.8 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की है जिसकी शुरुआत शून्य से हुई थी. ऐसा बहुत कम हुआ है जब मुखर्जी ने मोदी सरकार की इतनी तीखी आलोचना की हो. Also Read - Gujarat Local Bodies Election Results 2021 LIVE: शुरूआती रूझान में भाजपा आगे, आप का खुला खाता

मुखर्जी ने कहा कि जब वह वित्त मंत्री थे और संसद में बजट पेश कर रहे थे तो उन्होंने कहा था कि 2024 तक भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी. इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था स्वर्ग से नहीं आएगी. इसके पीछे एक ठोस आधार है और वो आधार अंग्रेजों ने नहीं, आजादी के बाद भारतीयों ने बनाया था. Also Read - WB Assembly Election 2021: कांग्रेस का ISF के साथ हुआ गठबंधन, तो पार्टी में बढ़ी नाराजगी, आनंद शर्मा ने किया ये ट्वीट

पूर्व राष्ट्रपति ने दिल्ली में दिए एक भाषण में यह बात कही. वह सामान्य तौर पर सरकारों के कामकाज पर टिप्पणी से बचते रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में दावा किया था कि भारत 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा. सरकार के मंत्री और खुद प्रधानमंत्री मोदी इस बात को काफी जोरशोर से उठा रहे हैं कि अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ने से जनता का फायदा होगा.

2012 में राष्ट्रपति बनने से पहले तक ताउम्र कांग्रेसी रहे मुखर्जी 1980 के दशक से ही कई सरकारों में वित्त मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने दिन दुनी रात चौगुनी तरक्की की. क्योंकि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अन्य ने आईआईटी, इसरो, आईआईएम, बैंकिंग नेटवर्क जैसी तमाम चीजों की स्थापना की. अर्थव्यवस्था का उदारीकरण कर डॉ. मनमोहन सिंह और नरसिम्हा राव ने इसे आगे बढ़ाया. इसने भारतीय अर्थव्यवस्था की क्षमता का विस्तार किया. ये वे नींव हैं जिस पर आज वित्त मंत्री दावा कर सकती हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर को हो जाएगी.