नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत स्थिर बनी हुई है. 93 साल के नेता पर इलाज का असर हो रहा है. डॉक्टरों की टीम लगातार उनपर नजर बनाए हुए है. उन्हें यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी बीमारियों के कारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में कल भर्ती कराया गया. एम्स ने पहले कहा था कि उन्हें इंजेक्शन के जरिए एंटीबायटिक्स दिए जा रहे हैं. इनफेक्शन के नियंत्रण में आने तक उन्हें अस्पताल में ही रखा जाएगा.Also Read - 'बड़े दिल वाले नेता के समझदार शब्द', आखिर वरुण गांधी ने अब किसके खिलाफ खोल दिया है मोर्चा

रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री का डायलिसिस भी हुआ है. वह अभी भी एम्स के कार्डियोथोरैकिक केन्द्र के आईसीयू में हैं. मधुमेह से पीड़ित वाजपेयी की सिर्फ एक किडनी काम करती है. उन्हें साल 2009 में आघात आया था. बाद में उन्हें डिमेंशिया की शिकायत हो गई. हॉस्पिटल के प्रथम तल पर मौजूद आईसीयू के पूरे गलियारे का घेराव कर दिया गया है और केवल मरीज के सहायकों और रिश्तेदारों को प्रमाण दिखाने के बाद ही वहां जाने की अनुमति दी जा रही है. Also Read - Madhya Pradesh: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की याद में बनेगा स्मारक, शिवराज सिंह चौहान का ऐलान

कई नेता हालचाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे
बता दें कि इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्रियों मनमोहन सिंह और एच. डी. देवेगौड़ा सहित अन्य नेता वाजपेयी का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे, पूर्व केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र, विधि राज्य मंत्री पी. पी. चौधरी, केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और केन्द्रीय मंत्री अनंत गीते भी वाजपेयी का हालचाल जानने पहुंचे. Also Read - पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी Karuna Shukla का कोरोना से निधन, अस्पताल में चल रहा था इलाज

एम्स के गेट पर हुआ हवन
दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा के कोषाध्यक्ष पंकज जैन ने एम्स के गेट नंबर-1 पर हवन कर पूर्व प्रधानमंत्री के जल्दी स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना की. बता दें कि साल 2004 के बाद उनका स्वास्थ्य खराब होने के साथ ही धीरे-धीरे वह सार्वजनिक जीवन से दूर होते चले गए और कई साल से अपने आवास तक सीमित हैं.