नई दिल्ली:पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों ने इसकी जानकारी दी. एम्स के डायरेक्टर ने इस बात की पुष्टि की है कि पूर्व पीएम को रूटीन चेकअप के लिए ही भर्ती कराया गया है. एम्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में रूटीन चेकअप और जांच के लिए भर्ती कराया गया है. डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के निर्देशन में उनकी जांच चल रही है.

बता दें कि 93 साल के वाजपेयी लंबे समय से बिमार हैं. वह चलने-फिरने के साथ-साथ बोलने की स्थिति में भी नहीं हैं. अटल बीजेपी की तरफ से पहले प्रधानमंत्री थे. वाजपेयी दो बार प्रधानमंत्री बने. पहली बार 1996 और दूसरी बार 1998 से 2004 तक पीएम रहे. इस समय वह भारत के पूर्व प्रधानमंत्रियों में सबसे बुजुर्ग हैं. वाजपेयी को एक लेखक के तौर पर भी जाना जाता है. 25 दिसंबर यानी क्रिसमस के दिन उनके जन्मदिन को बीजेपी गुड गवर्नेंस के तौर पर मनाती है. 2015 में अटल बिहारी वाजयेपी को भारत का सबसे बड़ा सिविलियन सम्मान भारत रत्न दिया गया था.

शिखर पुरुष के रूप में पहचान
भारत के राजनीतिक इतिहास में अटल बिहारी बाजपेयी का संपूर्ण व्यक्तित्व शिखर पुरुष के रूप में दर्ज है. उनकी पहचान एक कुशल राजनीतिज्ञ, प्रशासक, भाषाविद, कवि, पत्रकार व लेखक के रूप में है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा में पले-बढ़े अटल जी राजनीति में उदारवाद और समता एवं समानता के समर्थक माने जाते हैं. उन्होंने राजनीति को दलगत और स्वार्थ की वैचारिकता से अलग हट कर अपनाया और उसको जिया.जीवन में आने वाली हर विषम परिस्थितियों और चुनौतियों को स्वीकार किया. नीतिगत सिद्धांत और वैचारिकता का कभी कत्ल नहीं होने दिया.

विरोधी भी कायल रहे
राजनीतिक जीवन के उतार चढ़ाव में उन्होंने आलोचनाओं के बाद भी अपने को संयमित रखा. राजनीति में धुर विरोधी भी उनकी विचारधारा और कार्यशैली के कायल रहे. पोखरण जैसा आणविक परीक्षण कर दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के साथ दूसरे मुल्कों को भारत की शक्ति का अहसास कराया.

यूपी से रिश्ता
अटल बिहारी बाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसम्बर 1924 को हुआ था. उनके पिता कृष्ण बिहारी बाजपेयी शिक्षक थे. उनकी माता कृष्णा जी थीं. मूलत: उनका संबंध उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बटेश्वर गांव से है लेकिन, पिता जी मध्य प्रदेश में शिक्षक थे. इसलिए उनका जन्म वहीं हुआ. लेकिन, उत्तर प्रदेश से उनका राजनीतिक लगाव सबसे अधिक रहा. प्रदेश की राजधानी लखनऊ से वे सांसद रहे थे.