नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत बेहद गंभीर बनी हुई है. उन्हें दिल्ली के एम्स में वेंटिलेटर पर रखा गया है. गुरुवार की सुबह 11 बजे जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, अटल की हालत अब भी गंभीर है. एम्स के डॉयरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया वाजपेयी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. डॉ. गुलेरिया पिछले 30 साल से वाजपेयी का इलाज कर रहे हैं. एक ऐसा नेता जिसे ओजस्वी वक्ता कहा जाता रहा है और जिसकी भाषण शैली के लोग मुरीद रहे हैं, साल 2009 के बाद से लोगों ने उनका भाषण नहीं सुना है. Also Read - पूर्व PM डॉ. मनमोहन सिंह को एम्स से मिली छुट्टी, रविवार रात से थे भर्ती

बता दें कि साल 2009 में अटल बिहारी वाजपेयी को ब्रेन स्ट्रोक आया था. इसके बाद उन्हें बोलने में समस्या होने लगी. वह स्पष्ट तरीके से बोल पाने में अक्षम हो गए. धीरे-धीरे उनके स्वास्थ्य में गिरावट होती गई. उसके बाद से उन्होंने सार्वजनिक रूप से बात करते हुए नहीं सुना और देखा गया है. समय-समय पर उनकी तस्वीर जरूर सामने आई है, जिसमें वह बेहद कमजोर दिखते रहे हैं. Also Read - पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एम्स में भर्ती, कार्डियो-थोरेसिक वार्ड में निगरानी में रखे गए

डिमेंशिया से थे पीड़ित
साल 2009 में स्ट्रोक आने से पहले अटल डिमेंशिया नामक बीमारी से पीड़ित थे. रिपोर्ट के मुताबिक, डिमेंशिया के कारण ही वह सार्वजनिक जीवन से दूर हुए थे. बता दें कि इस बीमारी में याद्दाश्त कमजोर हो जाती है. मरीज नाम, जगह, तुरंत की गई बातचीत तक को भूलने लगता है और अवसाद में रहने लगता है. उसे बातचीत में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उसका व्यवहार एक तरह से बदल जाता है.
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2005 में आई अंतिम तस्वीर
अटल बिहारी वाजपेयी की आखिरी तस्वीर साल 2015 में सामने आई थी. तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने उनके घर पहुंचे थे. उस दौरान एक ही तस्वीर सामने आई थी, जिसमें प्रणब मुखर्जी भारत रत्न लिए हुए खड़े थे और अटल कुर्सी पर बैठे थे. फोटो में अटल काफी कमजोर दिख रहे थे. उनके चेहर पर हमेशा रहने वाला मुस्कान भी गायब था.