नई दिल्ली. पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने अपनी किताब ‘चेंजिंग इंडिया’ को लॉन्च किया. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा पीएम था जो मीडिया से बात करने में घबराता नहीं था. लोग कहते हैं कि मैं मौन पीएम था. लेकिन मेरी किताब इस बारे में खुद बोलेगी. मैं कभी ऐसा पीएम नहीं था जो प्रेस से बात करने में घबराए. मैं नियमित रूप से प्रेस से मिलता और हर विदेश यात्रा के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करता था.’Also Read - Manmohan Singh Health Update: मनमोहन सिंह डेंगू से पीड़ित, एम्स में जाने-माने डॉक्टर्स कर रहे देख-रेख

आरबीआई पर ये कहा
मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार और आरबीआई के संबंध ‘पति-पत्नी’ की तरह हैं और विचारों में मतभेद का समाधान इस रूप से होना चाहिए जिससे दोनों संस्थान तालमेल के साथ काम कर सकें. उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही है कि जब रिजर्व बैंक के आरक्षित धन के स्तर और लघु एवं मझोले उद्यमों के लिये कर्ज के नियम आसान बनाने समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्रीय बैंक और वित्त मंत्रालय के बीच मतभेदों की चर्चा के बीच उर्जित पटेल ने आरबीआई के गवर्नर पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आगे कहा कि रिजर्व बैंक की स्वायत्तता और स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए. सिंह आरबीआई के पूर्व गवर्नर भी रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘साथ ही मैं यह भी कहूंगा कि सरकार और आरबीआई के बीच का रिश्ता पति-पत्नी के रिश्ते जैसा है. मतभेद हो सकते हैं लेकिन उसका समाधान इस रूप से होना चाहिए जिससे दोनों संस्थान सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम कर सके.’ पटेल के इस्तीफे के बाद सरकार ने आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास को गवर्नर नियुक्त किया है. Also Read - Manmohan Singh Health Update: मनमोहन सिंह की हालत स्थिर, ह्रदय रोग विशेषज्ञों की निगरानी में

मजबूत और स्वतंत्र आरबीआई की जरूरत
सिंह ने कहा, जो भी आरबीआई के गवर्नर हैं, मैं उन्हें शुभकामना देता हूं. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें एक मजबूत और स्वतंत्र आरबीआई की जरूरत है जो केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करे. उन्होंने कहा, मैं उम्मीद और प्रार्थना करता हूं कि सरकार और आरबीआई साथ मिलकर काम करने का रास्ता निकाले. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारों द्वारा कृषि ऋण माफी की घोषणा से जुड़े सवाल के जवाब में सिंह ने कहा, ‘हमें चुनावी घोषणा-पत्र में जतायी गयी प्रतिबद्धता का सम्मान करना है…. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने प्रभाव के बारे में अध्ययन नहीं किया है लेकिन चूंकि प्रतिबद्धता जताई गई है, अत: हमें उसका सम्मान करना है. Also Read - मनमोहन सिंह एम्स में भर्ती, PM मोदी ने ठीक होने की कामना की, केंद्रीय मंत्री मिलने पहुंचे

ये है भारत का भाग्य
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बड़ा ‘पावरहाउस’ बनना भारत के भाग्य में लिखा है. जाने-माने अर्थशास्त्री सिंह ने कहा कि 1991 के बाद से भारत की वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर औसतन सात प्रतिशत बनी हुई है. उन्होंने कहा, ‘सभी बाधाओं और व्यवधानों के बावजूद भारत सही दिशा में बढ़ता रहेगा. भारत के भाग्य में है कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था का पावर हाउस बने.