नई दिल्ली. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार पर सभी मोर्चों पर विफल रहने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अब देश में वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में किसान और नौजवान परेशान हैं तो दलितों एवं अल्पसंख्यको में असुरक्षा का माहौल है.

वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल की पुस्तक ‘शेड्स ऑफ ट्रुथ’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे. उन्होंने पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के साथ इस पुस्तक का विमोचन किया. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, शैक्षणिक आजादी पर अंकुश लगाया जा रहा है. विश्वविद्यालयों के माहौल को खराब किया जा रहा है. देश को वैकल्पिक विमर्श पर गौर करने और अपनाने की जरूरत है.

युवा नौकरियों का कर रहे इंतजार
मनमोहन सिंह ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा, यह पुस्तक बहुत अच्छी तरह शोध करने के बाद लिखी गई है. यह पुस्तक मोदी सरकार का समग्र विश्लेषण है. यह सरकार की नाकामियां बताती है. यह बताती है कि इस सरकार ने जो वादे किए, पूरे नहीं किये. उन्होंने कहा, देश में कृषि संकट है. किसान परेशान हैं और आंदोलन कर रहे हैं. युवा दो करोड़ रुपये नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि औद्योगिक उत्पादन और प्रगति थम गई है.

नोटबंदी पर घेरा
मनमोहन सिंह ने कहा, नोटबंदी और गलत ढंग से लागू की गई जीएसटी की वजह से कारोबार पर असर पड़ा. विदेशों में कथित तौर जमा धन को लाने के लिए कुछ नहीं किया गया. दलित और अल्पसंख्यक डरे हुए हैं. उन्होंने सरकार पर विदेश नीति के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि पड़ोसियों के साथ हमारे संबन्ध खराब हुए हैं.