नई दिल्ली: आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आर्थिक सुधारों को लेकर अहम बात कही है. उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा तक इसके लिए संभावना नहीं दिख रही है, लेकिन देश ऊंची विकास दर हासिल करेगा. उन्होंने ये भी कहा 7.5 प्रतिशत की ग्रोथ रेट 1.2 करोड़ लोगों को रोजगार देने के लिए नाकाफी है. भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर राजन का मानना है कि अगले आम चुनावों तक सुधारों की संभावना नहीं है. हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि उसके बाद देश ऊंची वृद्धि की राह पर उड़ान भरेगा. Also Read - कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का भारत ने उठाया फायदा, 5,000 करोड़ रुपये की कर डाली बचत

7.5 फीसदी ग्रोथ रेट रोजगार के लिए पर्याप्त नहीं
राजन ने रोजगार सृजन पर भी चिंता जताई. उन्होंने सीएनबीसी के साथ इंटरव्यू में कहा कि भारत की 7.5 प्रतिशत की वृद्धि दर हर साल श्रम बाजार में आने वाले 1.2 करोड़ लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त नहीं है. Also Read - IPL 2020: रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर जसप्रीत बुमराह ने दिया बड़ा बयान, कहा-उन्होंने हमेशा मुझे...

सुधार की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं
राजन ने कहा, ”मुझे लगता है कि कुछ हद तक अगले आम चुनावों तक सुधारों को शेल्फ पर रख दिया जाएगा. हालांकि, यदि चुनावों के बाद हम सुधारों की रफ्तार बढ़ाते हैं, हम अगले दो- तीन साल में ऊंची वृद्धि की राह पर आगे बढ़ सकते हैं. ऐसा न होने की कोई वजह नहीं है.” राजन ने कहा कि भारत में सुधार हो रहे हैं, लेकिन यह रफ्तार हमारी उम्मीद से कम है. (इनपुट: एजेंसी) Also Read - RCB vs SRH: कौन है देवदत्‍त पडीक्‍कल जिसने डेब्‍यू IPL मैच में ही जड़ दिया धमाकेदार अर्धशतक