बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और जदयू के खिलाफ बने विपक्षी दलों के महागठबंधन में दरार दिखने लगी है. दरअसल, महागठबंधन के सबसे पड़े दल राजद के तीन पूर्व नेताओं को कांग्रेस अपनी पार्टी में शामिल करने वाली है. इससे राजद नाराज है. राजद के एक नेता ने स्पष्ट तौर कहा है कि पार्टी ने अपनी नाराजगी से कांग्रेस को अवगत करा दिया है. पहले ही सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन में जारी तकरार के बीच इन नेताओं के कांग्रेस में जाने की खबर ने दरार को और चौड़ा कर दिया है.

राजद के पूर्व नेता पप्पू यादव, लवली आनंद और अनंत सिंह को कांग्रेस में शामिल किए जाने की संभावना है. कांग्रेस इन्हें लोकसभा चुनाव में उतारना भी चाहती है. पप्पू यादव वर्तमान में मधेपुरा से सांसद हैं जबकि उनकी पत्नी रंजीता रंजन सुपौल से सांसद हैं. रंजीत कांग्रेस की नेता हैं. ये तीनों राज्य की राजनीति में हैसियत रखते हैं. इनमें अपने दम चुनाव जीतने का मद्दा है.

बिहार में लोकसभा की 40 सीटें है. पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां की 40 में से 22 सीटों पर जीत हासिल की थी. उस चुनाव में राजद, जदयू और भाजपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था. हाल में हुए तीन हिंदी भाषी राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा को हराने के बाद कांग्रेस पार्टी का आत्मविश्वास बढ़ गया है. इसी कारण वह बिहार सहित अन्य राज्यों में अपने सहयोगियों से अधिक सीटें मांग रही है. वैसे उत्तर प्रदेश में जिस तरह से सपा-बसपा ने अपने गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा, उसको देखते हुए बिहार में राजद भी कांग्रेस की कम सीटें देना चाहती है. यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने मायावती और अखिलेश यादव से मुलाकात की थी. कांग्रेस के नेता तेजस्वी की इस मुलाकात से भी खफा बताए जा रहे हैं. इस बीच प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा है कि गठबंधन में कोई दिक्कत नहीं है. हम राजद से बात कर सभी मुद्दों को सुलझा लेंगे.