शाहजहांपुर: पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और चर्चित भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद मामले में यूपी पुलिस की एसआईटी द्वारा की जा रही उबाऊ और थका देने वाली मैराथन पूछताछ ने रेप पीड़ित लड़की और उसके परिवार को झकझोर कर रख दिया है. परिवार का आरोप है कि एसआईटी की उनसे पूछताछ की स्टाइल ऐसी है जैसे वे अपराधी हैं, जबकि दुष्कर्म के आरोपी और जान से मारने की धमकी देने वाले स्वामी चिन्मयानंद से एसआईटी अभी तक एक बार भी आमना-सामना नहीं कर सकी है. वहीं, पीड़ित पक्ष ने एक पेन ड्राइव एसआईटी को सौंपी है. पीड़ित पक्ष का कहना है कि अगर ईमानदारी से जांच हो गई तो पेन ड्राइव में चिन्मयानन्द का असली चेहरा है, वो सामने आ जाएगा.

इसी बीच खबर यह भी है कि भाई बताने वाले जिस युवक के साथ पीड़िता राजस्थान में पुलिस को मिली थी, उस युवक ने एसआईटी को सोमवार को एक ‘पेन-ड्राइव’ अधिकृत रूप से सौंपी है. मामले की जांच में जुटी एसआईटी भले ही मुंह न खोले, लेकिन चिन्मयानंद की नींद उड़ा देने वाली पीड़ित लड़की और उसके भाई का दावा है कि अगर एसआईटी ने ईमानदारी से जांच की तो ‘पेन-ड्राइव’ में सब कुछ मौजूद है. ‘सब-कुछ’ के बारे में खुलकर कहने वाले युवक का दावा है, “इस पेन ड्राइव में एक वीडियो है, चिन्मयानंद का असली चेहरा क्या है? जांच में यह सब उजागर करने के लिए पेन-ड्राइव ही काफी है.”

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एसआईटी द्वारा युवक से 10-11 घंटे की गई पूछताछ के बाद छनकर बाहर आ रही खबरों के मुताबिक, “पूरे मामले को लेकर पीड़ित परिवार द्वारा शुरू से ही संदेह की ²ष्टि से देखी जा रही यूपी पुलिस और उसकी एसआईटी पेन ड्राइव में से क्या खंगाल कर बाहर ला पाती है? यह देखने वाली बात होगी.” हालांकि सोमवार दोपहर बाद पीड़िता द्वारा शाहजहांपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में साफ-साफ कहा गया था कि “कॉलेज के हॉस्टल वाला उसका कमरा खोलकर देखा जाए. स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ उस कमरे में तमाम सबूत मौजूद हैं.”

ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि पीड़िता द्वारा खुद का भाई बताए जा रहे संजय नामक लड़के ने जब पेन-ड्राइव में मौजूद स्वामी चिन्मयानंद से जुड़ी वीडियो क्लिप एसआईटी के हवाले कर दी, तो फिर अब इससे भी ज्यादा मजबूत और क्या सबूत हॉस्टल वाले बंद कमरे में छिपा हो सकता है? सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार पूर्वाह्न् में पीड़िता के हॉस्टल वाले बंद कमरे को भी एसआईटी ने खोल दिया. कमरे के अंदर क्या कुछ मिला? इस सवाल का अधिकृत जबाब देने से यूपी पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह से लेकर एसआईटी प्रमुख आईजी नवीन अरोरा तक चुप्पी साधे हुए हैं.

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पता यह भी चला है कि मामले की जांच की निगरानी कर रहे इलाहाबाद उच्च न्यायालय की विशेष पीठ ने एसआईटी से अब तक की जांच की प्रगति रिपोर्ट मंगलवार को तलब की है. ऐसे में संभव है पेन-ड्राइव से लेकर, पीड़िता द्वारा दिल्ली पुलिस के जरिए दी गई स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत तक के तमाम सबूत एसआईटी हाईकोर्ट की निगरानी पीठ को सौंप दे. पीड़ित परिवार से जुड़े सूत्रों ने फिर दावा किया है कि “एसआईटी को जो सबूत इकट्ठे करने हों वह करे. परिवार द्वारा सौपी गई पेन-ड्राइव की फूटेज से ही सब कुछ साफ-साफ सामने आ जाएगा.”