
Digpal Singh
साल 2005-2006 में माखनलाल चतुर्वेदी युनिवर्सिटी से PGDM करने के बाद दो वर्ष तक कई अखबारों के लिए फ्रीलांसर के तौर पर काम किया. साल 2008 में लाइवहिंदुस्तान (HT Media) ... और पढ़ें
अयोध्या : अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जोरों से चल रहा है. आगामी 22 जनवरी को अयोध्या (Ayodhya) में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तय है. प्राण प्रतिष्ठा के इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सहित हजारों मेहमान उस दिन अयोध्या में होंगे. इसके अलावा देश व दुनियाभर से हजारों-लाखों राम भक्त भी अयोध्या पहुंच रहे हैं. प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में कांग्रेस (Congress) सहित समूचे विपक्ष के कई नेताओं को शामिल होने के लिए न्योता भेजा गया. लेकिन कांग्रेस और ज्यादातर विपक्षी नेताओं ने न्योता अस्वीकार कर दिया है. लेकिन पार्टी की लाइन से अलग हटते हुए पूर्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रमुख निर्मल खत्री ने अयोध्या आने का फैसला किया है.
निर्मल खत्री (Nirmal Khatri) को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता मिला था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. उनका कहना है कि वह 22 जनवरी को अयोध्या जाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि राम भक्त होना कोई पाप थोड़े ही है. उन्होंने कहा श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट (Sri Ram Janmbhoomi Trust) के महासचिव चंपत राय जी (Champat Rai) ने मुझे व्यक्तिगत तौर पर निमंत्रण भेजा है और उनके सम्मान में मैं वहां जाऊंगा. खत्री ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखा – ‘रामभक्त होना पाप नहीं है, गर्व से कहता हूं कि मैं राम भक्त हूं.’
फैजाबाद (अब अयोध्या) से पूर्व में सांसद रह चुके निर्मल खत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं आया है कि उसके नेता मंदिर नहीं जा सकते. सिर्फ शीर्ष नेतृत्व ने न्योते को अस्वीकार किया है. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं से प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के लिए अयोध्या जाने और सरयू नदी में डुबकी लगाने को कहा है.
कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में न जाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं आया है, इसलिए मैं प्राण प्रतिष्ठा में जाऊंगा… यह कहना है पूर्व यूपी कांग्रेस अध्यक्ष का. उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी की विचारधारा या संगठन के खिलाफ लड़ाई अपने संगठन को अपनी विचारधारा के आधार पर मजबूत करके लड़ी जाती है, न कि दूसरे की विचारधारा का विरोध करके.
उन्होंने कहा, आयोजनों की लड़ाई में हम अपने विरोधी को नहीं हरा सकते. अपने संगठन को अपनी विचारधारा के आधार पर मजबूत करके ही हम विरोधी से लड़ सकते हैं. खत्री ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से आग्रह किया कि वह विचारधारा के आधार पर संगठन को मजबूत करें, इसी के जरिए जनता के दिमाग पर असर डाला जा सकता है.
भगवान राम में अपनी आस्था के संबंध में खत्री ने कहा, वाल्मीकि ने रामायण लिखी. उन्होंने इसमें लिखा – रामो विग्रहवान धर्म:… जिसका मतलब है राम धर्म हैं और धर्म राम… उन्होंने कहा कि वह धर्म को लेकर आडंबर के खिलाफ हैं और धर्म की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने के विरुद्ध हैं.
इससे पहले मंगलवार को नागालैंड में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि RSS और BJP ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के कार्यक्रम को पूरी तरह से राजनीतिक और नरेंद्र मोदी फंक्शन बना दिया है. उन्होंने कहा, इसलिए कांग्रेस नेताओं के लिए प्रधानमंत्री व RSS के लिए डिजाइन किए गए राजनीतिक कार्यक्रम में जाना संभव नहीं है.
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