नई दिल्ली: गगनयान परियोजना के लिए चुने गए चार अंतरिक्ष यात्रियों को रूस में 11 महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा. भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन के संबंध में यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बुधवार को दी.
परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मामलों के राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि रूस में उनका प्रशिक्षण जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू होगा. Also Read - मंगोलिया में सुबह 5:33 बजे र‍िक्‍टर स्‍केल पर 6.7 तीव्रता वाला भयंकर भूकंप आया

एक बयान के अनुसार, ‘‘रूस में 11 महीने के प्रशिक्षण के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को भारत में मॉड्यूल-विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. उसमें उन्हें ISRO द्वारा डिजाइन किए गए क्रू और सर्विस मॉड्यूल में प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्हें उसे चलाना, उसमें काम करना आदि सिखाया जाएगा.’’ Also Read - रिपोर्ट में खुलासा, रूस के साथ एस-400 सौदे के चलते भारत पर पाबंदियां लगा सकता है अमेरिका

10,000 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना ‘गगनयान’ के 2022 में प्रक्षेपित होने की उम्मीद है. उसी साल भारत की आजादी को 75 साल पूरे होंगे.’’ Also Read - ये है धरती का सबसे ठंडा गांव, जहां तापमान -88F तक नीचे होता है, देखें Amazing Photos