नई दिल्‍ली: दिल्‍ली में 16 दिसंबर 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप और मर्डर के दोषियों को ताजाघटनाक्रम में तिहाड़ जेल प्रशासन ने चारों दोषियों को जेल नंबर-3 में शिफ्ट किया है. वहीं, निर्भया के पिता का कहना है कि न्याय दूर नहीं है और उनकी (दोषियों की) फांसी दूर नहीं है. उन्हें फांसी के लिए तैयार रहना चाहिए. देर भले हो लेकिन उन्हें फांसी होगी.

निर्भया के पिता ने गुरुवार को कहा कि निर्भया के दोषी चाहे जितने भी कानूनी दांवपेंच अपना लें वह फांसी के तख्ते से बच नहीं पाएंगे. उनका यह बयान तब आया है जब दिल्ली की एक अदालत ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को गुरुवार को निर्देश दिया कि वे निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी करार दिए गए चारों कैदियों को मृत्युदंड दिए जाने की स्थिति पर शुक्रवार तक रिपोर्ट सौंप दें.

एक दोषी द्वारा दया याचिका दायर करने के बाद 22 जनवरी को दोषियों को मृत्युदंड देने के मुद्दे पर जेल अधिकारियों ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखा था. इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा ने जेल अधिकारियों को निर्देश जारी किए.

निर्भया के दोषी फांसी के तख्‍ते से नहीं बच पाएंगे: पिता

निर्भया के पिता ने कहा कि आगे की कार्रवाई पर अदालत शुक्रवार को फैसला करेगी. उन्होंने कहा, ”हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है. पीड़िता के परिवार के लिए कोई कानून नहीं है, लेकिन दोषियों के लिए कानूनी प्रावधान उपलब्ध हैं इसीलिए समस्याएं पैदा हो रही हैं. हालांकि, निर्भया के पिता ने कहा कि वे निराश नहीं हैं और न्याय के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी.