Chabahar port Update: चाबहार बंदरगाह के संयुक्त इस्तेमाल पर एक चतुष्कोणीय संरचना के तहत भारत, उज्बेकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान इस साल एक बैठक कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.Also Read - Afghanistan News: काबुल में एजुकेशन सेंटर के बाहर आत्मघाती धमाका, 32 लोगों की मौत

मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भारत ने इस बंदरगाह को ‘अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे’ (आईएनएसटीसी) से जोड़ने का भी प्रस्ताव दिया है. दो सप्ताह पहले ताशकंद में हुए एक संपर्क सम्मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के चाबहार बंदरगाह को एक अहम क्षेत्रीय मार्ग बताया था. Also Read - रवींद्र जडेजा ने संजय मांजरेकर को कहा प्यारा दोस्त, पूर्व क्रिकेटर ने दिया ऐसा जवाब

ऊर्जा के भंडार ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलूचिस्तान प्रान्त में स्थित चाबहार बंदरगाह मध्य एशिया से जोड़ने वाला एक प्रमुख बिंदु है. पाकिस्तान द्वारा नयी दिल्ली को रास्ता नहीं दिए जाने के आलोक में इस बंदरगाह को भारत, ईरान और अफगानिस्तान द्वारा इन तीनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध प्रगाढ़ करने की दिशा में विकसित किया जा रहा है. Also Read - केएल राहुल ने तोड़ा गौतम गंभीर का शर्मनाक रिकॉर्ड, सबसे धीमा अर्धशतक लगाने वाले भारतीय बने

भारत के पश्चिमी तट से चाबहार तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, वह भी पाकिस्तान की सीमा को छुए बिना. जयशंकर के बयान का हवाला देते हुए बागची ने कहा कि उन्होंने रेखांकित किया कि भारत ने बंदरगाह के संचालन को शुरू करने के लिए 2016 से महत्वपूर्ण कदम उठाए और अब यह सिद्ध हो चुका है.

(इनपुट भाषा)