श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के 6 आतंकवादियों को मार गिराया. पहले ये आंकड़ा 4 का था. पुलिस महानिदेशक एस पी वैद ने एनकाउंटर के तुरंत बताया कि उरी सेक्टर के दुलांजा इलाके में सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों के एक संयुक्त अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादी मारे गए.

वैद ने पहले ट्वीट करते हुए कहा था, ‘जैश-ए-मोहम्मद के तीन आत्मघाती आतंकवादी उरी सेक्टर के दुलांजा इलाके में घुसपैठ की कोशिश के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस/ सेना/ सीएपीएफ के एक साझा अभियान में मारे गए. चौथे आतंकवादी की तलाश जारी है.’ डीजीपी ने हालांकि बाद में चौथे आतंकवादी के भी मारे जाने की पुष्टि कर दी.

जम्मू-कश्मीर में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार, मासूम युवा थे निशाने पर

जम्मू-कश्मीर में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार, मासूम युवा थे निशाने पर

इसके बाद समाचार एजेंसी एएनआई पर बताया गया कि मारे गए आतंकियों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. अब तक 5 आतंकियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि छठे आतंकी की तलाश जारी है. रविवार को ही जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के बाहरी इलाके में आज सुरक्षाबलों को देशी बम (आईईडी) मिला था. पिछले दो दिनों में दूसरी बार देशी बम मिला.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर के मलूरा इलाके में सुबह सुरक्षाबलों के एक गश्ती दल को आईईडी मिला. तुरंत इलाके को घेर लिया गया और बम निष्क्रिय दस्ते को बुलाया गया जिसने उसे निष्क्रिय कर दिया.

वहीं, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने रविवार को कहा कि हमारा उद्देश्य आतंकवादियों और कश्मीर में परेशानी उत्पन्न करने वालों पर दबाव बनाये रखना है. उन्होंने कहा कि सेना यथास्थिति कायम रखने वाली नहीं हो सकती. उसे जम्मू कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए नयी रणनीतियां विकसित करनी होगी.

राज्य में आतंकवादी सुरक्षाबलों को अधिकतम नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी से उन्हें निशाना बनाते हैं. उत्तरी कश्मीर के सोपोर में 6 जनवरी को एक देशी बम धमाके में चार पुलिसकर्मी शहीद हो गये थे.