खाद्य सुरक्षा योजना से मनरेगा तक... UPA की इन योजनाओं का नया नामकरण कर चुकी है मोदी सरकार

कांग्रेस का दावा है कि कुल मिलाकर उसकी सरकारों द्वारा शुरू की गई 30 से अधिक योजनाओं और परियोजनाओं के नाम बदले गए या उन्हें नए नामों में समाहित कर दिया गया. कांग्रेस ने अपनी वेबसाइट पर ऐसी योजनाओं की एक लिस्ट डाली है.

Published date india.com Published: December 16, 2025 8:57 PM IST
खाद्य सुरक्षा योजना से मनरेगा तक... UPA की इन योजनाओं का नया नामकरण कर चुकी है मोदी सरकार
भारत में मनरेगा (MGNREGA) की शुरुआत 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA) के रूप में हुई थी.

संसद के शीतकालीन सत्र में मंगलवार को लोकसभा में मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर नया बिल पेश हुआ. कांग्रेस की अगुवाई वाले UPA सरकार के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (MANREGA) लाई गई थी. मोदी सरकार ने इसी योजना का नाम बदलकर एक नए कानून विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन यानी VBG RAM G लाने का फैसला किया है. कानून पास होने के साथ ही मनरेगा नए रूप में लागू हो जाएगी. संसद में विपक्ष ने इसे लेकर जमकर हंगामा किया.

कांग्रेस का दावा है कि कुल मिलाकर उसकी सरकारों द्वारा शुरू की गई 30 से अधिक योजनाओं और परियोजनाओं के नाम बदले गए या उन्हें नए नामों में समाहित कर दिया गया. कांग्रेस ने अपनी वेबसाइट पर ऐसी योजनाओं की एक लिस्ट डाली है. आइए जानते हैं ऐसी प्रमुख 7 योजनाएं, जिनके नाम मोदी सरकार ने बदल दिए हैं:-

इंदिरा आवास योजना
इंदिरा आवास योजना 1985 में तत्कालीन PM राजीव गांधी ने शुरू की थी. UPA सरकार में इसका विस्तार हुआ. 2014 में केंद्र में मोदी की सरकार आई. साल 2016 में इस योजना का नाम बदला गया. इसे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी भाग के लिए PMAY-Urban के नाम से लॉन्च किया गया. इसके पीछे मोदी सरकार ने दलील दी गई कि Housing for All और वित्तीयतकनीकी ढांचे में भी बड़ा विस्तार करके इस योजना को नया नाम दिया गया है.

जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (JNNURM)
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (Jawaharlal Nehru National Urban Renewal Mission) यानी JNNURM योजना 2005 में UPAI के समय लाई गई थी. इस योजना का मकसद शहरों में बुनियादी ढांचेसेवाओं को सुधारना था. साल 2015 में मोदी सरकार ने इसका नाम बदल दिया. इसे Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation (AMRUT) नाम दिया गया.

राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना
UPA सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2005 में Rajiv Gandhi Grameen Vidyutikaran Yojana (RGGVY) शुरू की गई थी. इस योजना का उद्देश्य गांवों में बिजली पहुंचाना था. मोदी सरकार ने साल 2015 में इसका नाम Deendayal Upadhyaya Gram Jyoti Yojana कर दिया.

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निर्मल भारत/निर्मल ग्राम योजना
निर्मल ग्राम पुरस्कार / निर्मल भारत अभियान भी UPA सरकार ने 2005 में शुरू किया था. इस योजना का मकसद गांवों में शौचालय और साफ-सफाई को बढ़ावा देना था. साल 2014 में मोदी सरकार ने इसका नाम बदल दिया. अब निर्मल ग्राम योजना को स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) कर दिया. इसमें शहर और गांव दोनों शामिल किए गए.

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
UPA ने 2011 में नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (National Rural Livelihood Mission) यानी NRLM शुरू किया था. इस योजना का मकसद गरीब ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका सुधारना था. साल 2016 में मोदी सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर दीनदयाल अन्त्योदर योजना (Deendayal Antyodaya Yojana National Rural Livelihood Mission) कर दिया.

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना
UPA सरकार साल 2013 में National Food Security Act (NFSA) लेकर आई थी. इसके तहत लगभग 81 करोड़ लोगों को सस्ते दाम पर अनाज देने की गारंटी दी गई थी. कोविड-19 के दौरान मोदी सरकार ने मुफ़्त अनाज स्कीम शुरू की. इसका ब्रांड बनाया Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana (PMGKAY).

मनरेगा योजना
मोदी सरकार ने मनरेगा को रिप्लेस करने के लिए VBG RAM G बिल, 2025 पेश किया है. इस नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों की बजाय 125 दिन मज़दूरी का काम गारंटी के साथ देने का प्रावधान है. फोकस सिर्फ मज़दूरी तक सीमितहोकर विकसित भारत 2047 के विज़न के साथ ग्रामीण अधोसंरचना, जल सुरक्षा, आजीविका और जलवायु अनुकूल विकास पर रखा गया है. इसमें राज्य सरकारों की भागीदारी भी तय की गई है.

मोदी सरकार ने और क्या-क्या बदला?
मोदी सरकार ने UPA सरकार में लाई गई योजनाओं के साथ ही बाकी कई चीजों के नाम बदले हैं. BJP शासित राज्यों ने कई जगहों के नाम बदल दिए हैं. मोदी सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया. PM आवास रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया. PMO का नाम बदलकर सेवा तीर्थ किया है. राजभवनों का नाम लोकभवन कर दिया है. इसके साथ ही कई मंत्रालयोंऔर कानूनों के नाम हिंदी और भारतीय शब्दों में पुनर्परिभाषित किए हैं. IPC/CrPC की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का इस्तेमाल किया जाता है.

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