नेचुरल टी के नाम पर चाय प्रेमियों से धोखा अब अपराध, पौधे-फूल-पत्तियों से बने पेय को टी कह कर बेचना भारी पड़ेगा, FSSAI का फरमान जानिए

FSSAI ने खाद्य व्यवसाय परिचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए है कि अगर कोई हर्बल या पौधा-आधारित पेय पदार्थ, असली चाय के पौधे 'कैमेलिया सिनेंसिस' से नहीं बना है तो उसे चाय के रूप में नहीं बेचा जा सकता है.

Published date india.com Published: December 26, 2025 12:46 PM IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

FSSAI new rule on tea: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बाजार में बिकने वाले प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग और लेबलिंग पर “चाय” शब्द के इस्तेमाल को लेकर एक स्पष्टीकरण जारी किया है. इसके अनुसार, सिर्फ कैमेलिया साइनेंसिस पौधे से बने पेय पदार्थों को ही कानूनी तौर पर चाय के रूप में बेचा जा सकता है. FSSAI ने साफ कहा है कि हर्बल या पौधों पर आधारित इन्फ्यूजन को चाय कहकर बेचना ग्राहकों को गुमराह करने वाला माना जाएगा. यह कानूनन अपराध होगी.

टी-लवर्स के साथ धोखा मंजूर नहीं…

FSSAI ने खाद्य व्यवसाय परिचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए है कि अगर कोई हर्बल या पौधा-आधारित पेय पदार्थ, असली चाय के पौधे ‘कैमेलिया सिनेंसिस’ से नहीं बना है तो उसे चाय के रूप में नहीं बेचा जा सकता है. FSSAI ने यह पाया था कि कई खाद्य व्यवसाय संचालक “रूइबोस टी”, “हर्बल टी” और “फ्लावर टी” जैसे उत्पादों की मार्केटिंग कर रहे थे. जबकि ये चाय के पौधे से प्राप्त नहीं होते हैं. कानून के तहत यह मिसब्रांडिंग माना जाएगा.

नियमों के मुताबिक,’चाय’ शब्द का उपयोग केवल उन्हीं पेय के लिए किया जा सकता है जो कैमेलिया सिनेंसिस पौधे से बने हों. इसमें ग्रीन टी, कांगड़ा टी और इंस्टेंट टी जैसे उत्पाद शामिल हैं. ऐसे हर्बल या पौधों से बने मिश्रण जो असली चाय के पौधे से नहीं बने हैं उन्हें चाय के नाम पर बेचना गैर कानूनी है.

इस संबंध में एफएसएसएआई ने एक प्रेस रिलीज भा जारी किया है और कहा है कि इस नियम का उल्लंघन खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आता है. खाद्य उत्पादों के निर्माण, पैकिंग, वितरण, आयात या बिक्री से जुड़े सभी खाद्य व्यवसाय परिचालकों (एफबीओ) के लिए इन खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है.

FSSAI ने साफ कहा है कि सभी एफबीओ को निर्देश दिया जाता है कि वह प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी उत्पाद पर चाय शब्द का उपयोग न करें यदि वह कैमेलिया सिनेंसिस पौधे से न बना हो. खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने राज्यों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन विक्रेताओं सहित सभी एफबीओ द्वारा इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

बता दें कि बाजार में कई ऐसे उत्पाद बिक रहे हैं जिन पर हर्बल टी, फ्लावर टी या नेचुरल टी कहकर ग्राहकों को दिया जा रहा है. टी शब्द एक मार्केटिंग टूल बन गया है. इससे उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं. जबकि नियमों के अनुसार चाय सिर्फ वही पेय पदार्थ है जो कैमेलिया साइनेंसिस पौधे से निकला है.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.