पणजी, 10 सितम्बर : केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गुरुवार को कहा कि फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के विद्यार्थियों एवं केंद्र सरकार के बीच फिल्म उद्योग के दिग्गजों द्वारा सुलह की कोशिशें इसलिए विफल हो गई, क्योंकि विद्यार्थियों ने अड़ियल रुख अख्तियार कर रखा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके मंत्रालय ने विद्यार्थियों के साथ कभी सख्ती नहीं बरती। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्य मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राठौड़ ने यह भी कहा कि एफटीआईआई में क्रमिक सुधार की आवश्यकता है। यह भी पढ़ें –एफटीआईआई छात्रों की भूख हड़ताल, फिल्मकार राष्ट्रपति से करेंगे अपीलAlso Read - बीजेपी विधायक ने कहा- ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों लोग तड़प-तड़प कर मरे, दर्द किसी को दिखाई नहीं देता

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राठौड़ ने कहा, “दुर्भाग्यवश विद्यार्थियों ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर रखा है। हम सभी मुद्दों के समाधान के लिए तैयार हैं। हमने उनसे कई बार बातचीत की। परोक्ष तौर पर उनके साथ कई बार वार्ता की गई। कुछ दिग्गज कलाकारों, निर्देशकों व निर्माताओं ने दोनों तरफ से बातचीत की, लेकिन बाद में थक हारकर छोड़ दिया।” पुणे स्थित संस्थान एफटीआईआई में अध्यक्ष के रूप में अभिनेता गजेंद्र सिंह की नियुक्ति के विरोध में छात्रों की हड़ताल पिछले करीब तीन माह से जारी है, जबकि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय व संस्थान के विद्यार्थी किसी समझौते तक नहीं पहुंच पाए हैं। Also Read - भाजपा में नेतृत्व के लिए नेताओं की कमी नहीं : मौर्य

मंत्री ने कहा, “हम इसे सुलझाना चाहते हैं। हम विद्यार्थियों के साथ कड़ा रुख नहीं बरत रहे। हम उनके साथ उदारता बरत रहे हैं। दुर्भाग्यवश विद्यार्थियों ने सख्त रवैया अपना लिया है। हम सभी मुद्दों के समाधान के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा, “आपको एफटीआईआई की तह में जाना चाहिए। और तब आप बेहतर तरीके से समझेंगे कि बीते 17 साल में क्या कोई पासिंग आउट समारोह हुआ। नहीं, नहीं हुआ। इसी तरह के कई मुद्दे हैं। संस्थान में प्रणालीगत सुधार की जरूरत है।”