नई दिल्ली: करीब 14 हजार करोड़ रुपए की पीएनबी में धोखाधड़ी के मामले में फरार भगोड़ा भगोड़ा अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी मौजूदगी के बारे में ब्रिटेन ने पुष्टि की है. ब्रिटेन ने सीबीआई से इस बात की पुष्टि की है कि पीएनबी घोटाले का आरोपी वहां पर है. जांच एजेंसी सीबीआई के अफसरों ने सोमवार को कहा कि सीबीआई ने पुष्टि होते ही गृह मंत्रालय को प्रत्यर्पण अनुरोध भेज दिया है. बता दें कि नीरव के फरार होने के बाद इस साल जून में सीबीआई के अनुरोध पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.

नीरव मोदी को वापस लाने का अनुरोध अब विदेश मंत्रालय के माध्यम से ब्रिटेन भेजा जाएगा. अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने ब्रिटेन के अधिकारियों से नीरव मोदी को उसके खिलाफ इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में भी लेने का अनुरोध किया है.

जून में सीबीआई के अनुरोध पर नीरवल मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. इंटरपोल किसी भगोड़े के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस में अपने 192 सदस्य देशों से कहता है कि उनके यहां उसके दिखने पर उसे गिरफ्तार किया जाए या हिरासत में लिया जाए. इसके बाद प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.

नीरव मोदी पत्नी अमी मोदी, जो अमेरिकी नागरिक है, भाई निशाल मोदी, जो बेल्जियाई नागरिक है और मामा मेहुल चोकसी के साथ जनवरी के पहले सप्ताह में देश छोड़कर चला गया था. कुछ सप्ताह बाद देश का सबसे बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया. इन सभी इस मामले में दर्ज सीबीआई की प्राथमिकी में आरोपी हैं. अधिकारियों के अनुसार चोकसी को हाल ही में एंटीगुआ में देखा गया था जहां उसने नागरिकता ले ली है, नीरव मोदी और चोकसी ने कारोबारी और सेहत संबंधी कारणों का हवाला देते हुए जांच में शामिल होने के लिए भारत लौटने से इनकार कर दिया है.