Full Lockdown in India: देश में पहली बार आज 24 घंटे के भीतर कोरोना से संक्रमित 3293 मरीजों की मौत हो गई है, जो इस साल में मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा है, हालांकि कोरोना संक्रमण के नए केस  में कमी दर्ज की गई है. इस तरह से हर रोज कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार देश के उन 150 जिलों में लॉकडाउन लगा सकती है जहां कोरोना का संक्रमण दर 15 फीसद से ज्यादा है. हालांकि .ये कहा गया है कि इसका फैसला उस जिले के संबंधित राज्य से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा.Also Read - दिल्ली में थम नहीं रही कोरोना की रफ्तार, बीते 24 घंटे में 1100 से ज्यादा नए केस; एक्टिव मामले 5500 के करीब

बता दें कि मंगलवार को एक हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से देश के उन जिलों में लॉकडाउन की सिफारिश की गई थी, जहां संक्रमण ज्यादा है. स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि अभी संक्रमितों का आंकड़ा और पॉजिटिविटी रेट को नियंत्रित करना सबसे ज्यादा जरूरी है जिसके लिए लॉकडाउन लगा देना चाहिए. Also Read - दिल्ली में बीते 24 घंटे में एक बार फिर कोरोना के 1400 से ज्यादा नए केस, एक्टिव मामले 6 हजार के करीब

स्वास्थ्य मंत्रालय ने की है सिफारिश-इन जिलों में लॉकडाउन लगाना होगा Also Read - दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना से 1400 से ज्यादा नए केस, एक्टिव मरीज 6 हजार के करीब

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि जिन 150 जिलों में 15 फीसद से अधिक संक्रमण दर है, वहां आवश्यक सेवाओं में छूट के साथ लॉकडाउन लगाना होगा अन्यथा स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ बढ़ जाएगा और पूरी व्यवस्था चरमरा जाएगी. बता दें कि महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु सहित देश के आठ राज्यों में संक्रमण के मामले 69 फीसद से ज्यादा हैं. अब मंत्रालय के प्रस्ताव के बाद  लॉकडाउन के मद्देनजर प्रभावित जिलों से संबंधित राज्यों से इस पर विचार लिया जाना है.

पीएम मोदी ने लॉकडाउन को बताया था अंतिम विकल्प

बता दें कि प्रधानमंत्री ने कोरोना के बढ़ते मामले पर दिए गए अपने संबोधन में लॉकडाउन को आखिरी उपाय बताया था. उन्होंने कहा था कि अभी सरकार पर्याप्त आक्सीजन, बेड और वैक्सीन का प्रबंध कर रही है.  यदि आप सभी एकजुट हों और हम सब मिलकर कोरोना के गाइडलाइंस को लेकर जागरूकता पैदा करते हैं तो लॉकडाउन की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने ये भी कहा था, ‘मैं राज्यों से अपील करता हूं कि वे अंतिम उपाय के रूप में लॉकडाउन का उपयोग करें. हमारा माइक्रो कंटेनमेंट जोन की ओर ध्यान होना चाहिए.’