बेंगलुरु: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और भाजपा अनंत कुमार का सोमवार तड़के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर को किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री पिछले कुछ महीनों से फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे थे. बेंगलुरू दक्षिण सीट से सांसद 59 वर्षीय कुमार ने श्री शंकरा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र में देर रात करीब दो बजे अंतिम सांस ली. अस्पताल से कोई आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं हुआ है. संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी आज रात को ही कुमार को श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचेंगे. हालांकि, पार्टी सूत्रों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है.

श्री शंकरा कैंसर फाउंडेशन के न्यासियों के बोर्ड के अध्यक्ष बी आर नागराज ने बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद कुमार हाल ही में यहां लौटे थे. केंद्रीय मंत्री के अंतिम समय में उनकी पत्नी तेजस्विनी और दोनों बेटियां भी वहां मौजूद थीं. कुमार के कार्यालय ने यहां बताया कि उनका निधन कैंसर और संक्रमण के बाद पैदा हुई जटिलताओं के कारण हुआ. वह पिछले कुछ दिनों से सघन निगरानी कक्ष में कृत्रिम जीवन रक्षक प्रणाली पर थे.

बीजेपी की कर्नाटक इकाई के अनुसार, कुमार का पार्थिव शरीर सोमवार को दिन भर उनके आवास पर रखा गया. उनका अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर को किया जाएगा. प्रदेश इकाई ने कहा कि चामराजपेट शवदाह गृह में अंतिम संस्कार से पहले उनके शव को भाजपा के प्रदेश कार्यालय और उनके निर्वाचन क्षेत्र में पड़ने वाले नेशनल कॉलेज ग्राउंड में रखा जाएगा. गृह मंत्रालय ने दिल्ली में घोषणा की कि कुमार के सम्मान में सोमवार को पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा. कर्नाटक सरकार ने नेता के सम्मान में 14 नवंबर तक तीन दिन का राजकीय शोक और सोमवार की छुट्टी घोषित की.

बेंगलुरू के बेहद प्रिय सांसद को अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कुमार के आवास पर भाजपा नेताओं, रिश्तेदारों, मित्रों के अलावा तमाम लोगों का तांता लगा हुआ था.

1987 में राजनीति में आए कुमार महज 38 साल की उम्र में वाजपेयी कैबिनेट में पहली बार 1998 में केंद्रीय मंत्री बने. उसके बाद से ही वह हमेशा भाजपा में महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बने रहे, फिर चाहे वह अटल बिहारी वाजपेयी के वक्त में हो या वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय पर. वह पार्टी की केंद्रीय और राज्य इकाइयों के बीच हमेशा बेहद महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र रहे.

छह बार के सांसद के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया.

संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार रात को ही कुमार को श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचेंगे. हालांकि, पार्टी सूत्रों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है. प्रधानमंत्री ने कुमार की पत्नी डॉ. तेजस्विनी से बातचीत की और अपनी संवेदना प्रकट की.

वरिष्ठ भाजपा नेता आर अशोक ने कहा कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पुष्टि की है कि वह उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शहर में मौजूद रहेंगे लेकिन पार्टी को मोदी के यहां पहुंचने के बारे में फिलहाल कोई सूचना नहीं मिली है.