नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली में 30 अक्टूबर से आरंभ होने वाले दो दिवसीय जी-20 शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान की ताजा स्थिति का सामना करने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और कोरोना महामारी को लेकर संयुक्त वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने पर बल दे सकते हैं. प्रधानमंत्री की यात्रा से जुड़े जानकारों ने यह बात कही.Also Read - PM Modi ने देहरादून में कहा- देश में 10 साल तक घोटाले हुए, उत्तराखंड को विकास चाहिए

PM मोदी बृहस्पतिवार या शुक्रवार को इटली और स्कॉटलैंड की यात्रा पर रवाना हो सकते हैं. जी-20 समूह के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकारी प्रमुखों का यह शिखर सम्मेलन रोम में 30 ओर 31 अक्टूबर को होगा. इसमें सदस्य देशों के नेता व समूह और कुछ अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे. इस सम्मेलन में प्रतिनिधियों के कोरोना वायरस महामारी की चुनौतियों के बाद सुधार, जलवायु परिवर्तन और विश्व के विभिन्न हिस्सों में गरीबी व असमानता जैसी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की उम्मीद है. Also Read - Uttarakhand: PM मोदी ने 18,000 करोड़ के विकास प्रोजेक्‍ट्स का शिलान्यास व लोकार्पण किया, कहीं ये अहम 10 बातें

एक जानकार ने बताया कि अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर इस सम्मेलन में प्रमुखता से चर्चा हो सकती है. प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन में विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भारत का रुख सामने रख सकते हैं और अफगानिस्तान की स्थिति पर एक वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान कर सकते हैं. साथ ही वह जलवायु परिवर्तन और कोरोना महामारी के खिलाफ एकजुटता की भी बात कर सकते हैं. Also Read - PM मोदी 7 दिसंबर को यूपी के गोरखपुर में 9600 करोड़ के प्रोजेक्‍ट्स देश को समर्पित करेंगे, AIIMS का भी उद्घाटन करेंगे