नई दिल्ली: अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के पहले मिशन ‘गगनयान’ में तीन लोग शामिल होंगे और यह मिशन सात दिनों तक अंतरिक्ष में रहेगा. ‘गगनयान’ को पृथ्वी की नीचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा.

‘गगनयान’ के बारे में पत्रकारों से बातचीत करते हुए परमाणु एनर्जी और अंतरिक्ष राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि गगनयान को लॉन्च करने के लिए GSLV Mk III लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल किया जाएगा.

गगनयान की तैयारी को जांचने के लिए पहले लोगों के बिना ही दो गगनयान मिशन भेजे जाएंगे. उन्होंने कहा, ”उम्मीद है कि 2022 से पहले ही हम गगनयान को अंतरिक्ष में भेज सकेंगे. मिशन में तीन लोगों को सात दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजे जाने की योजना है. स्पेसक्राफ्ट को 300-400 km लो अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा. इस मिशन में 10 हजार करोड़ रुपए से कम का खर्च आने की उम्मीद है.”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्रचीर से अपने संबोधन में कहा था कि साल 2022 तक ‘गगनयान’ के माध्यम से अंतरिक्ष में भारतीय यात्री को भेजा जाएगा. मोदी ने कहा था कि साल 2022, यानी आजादी के 75वें वर्ष में और अगर संभव हुआ तो उससे पहले ही, भारत ‘गगनयान’ के जरिए अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जाएगा.