नई दिल्ली. गाजा तूफान गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात तमिलनाडु के नागापट्टिनम पहुंच गया. इस दौरान तकरीबन 90-100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया. कई पेड़ गिर गए और कई लोगों के घर डैमेज हो गए. चेन्‍नई मौसम विभाग के मुताबिक, गाजा तूफान समुद्र को पूरी तरह पार कर जमीन पर पहुंच जाएगा. क्षेत्र में भारी बारिश जारी है.

नागपट्टिनम और अन्य जिले में निचले इलाके में रहने वालों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य बल की टीमों को तैनात किया गया है. रामेश्वरम से मिली खबर के मुताबिक धनुषकोटी के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. नागपटि्टनम, तिरूवरूर, कुड्डालोर और रामनाथपुरम सहित सात जिलों में शैक्षाणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और सरकार ने निजी कंपनियों और प्रतिष्ठानों से अपने कर्मचारियों को जल्द वापस भेजने को कहा गया था.

331 राहत केंद्र
बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने हालात से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की. चक्रवात से प्रभावित क्षेत्र में राहत केंद्र खोले गए हैं. राज्य सरकार ने तूफान की चपेट में आ सकने वाले जिलों में अपने तंत्र को पूरी तरह से अलर्ट कर रखा है. सरकार ने बताया कि कुल 63,203 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और नागपट्टिनम और कुड्डालोर सहित छह जिलों में 331 राहत केन्द्र खोले गए हैं.

सीएम ने लिया जायजा
नारायणसामी ने अधिकारियों से सभी इलाकों में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि अगर जरूरत होगी तो वह इन कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए कराइकल में डेरा डालेंगे. इस बीच नागापट्टनम के जिला अधिकारी सी सुरेशकुमार ने संवाददाताओं को बताया कि जिला प्रशासन ने किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं. उन्होंने बताया कि लोगों को ठहराने के लिए 22 शिविर तैयार हैं. साथ ही उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो 24 घंटे काम करेगा.