भुवनेश्वर: कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान 6 माह पहले हुए एक गैंगरेप का मामला सामने आया है. इस केस में सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि आरोपियों में पुलिसकर्मी और इलेक्‍ट्रॉनिक मीडियाकर्मी शामिल है. आरोपियों में तीन पुलिसकर्मी और इलेक्ट्रानिक मीडिया के दो लोग भी शामिल हैं. मार्च और अप्रैल में लॉकडाउन के दौरान ओडिशा की राजधानी में हुए गैंगरेप का मामला अब सामने आया है. Also Read - कोरोना संक्रमित मनीष सिसोदिया को डेंगू भी, प्लेटलेट्स घटने पर LNJP से मैक्‍स अस्‍पताल में शिफ्ट

शनिवार को यह मामला उस समय सामने आया जब लड़की की मां ने हाल ही में महिला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराया. पुलिस ने बताया कि ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में सात लोगों ने एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. आरोपियों में तीन पुलिसकर्मी और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दो लोग भी शामिल हैं. पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. Also Read - सलमान खान ने बताया, लॉकडाउन क्‍यों 'तनावपूर्ण' रहा, 30 सालों में भी इतनी छुट्टियां कभी नहीं मनाईं

भुवनेश्वर के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) उमाशंकर दास ने कहा कि लड़की की मां ने 30 अगस्त को महिला पुलिस स्टेशन में सामूहिक दुष्कर्म को लेकर एफआईआर दर्ज कराया है. डीसीपी ने कहा, “30 अगस्त को एक महिला ने महिला पुलिस स्टेशन में यह आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है कि उसकी नाबालिग लड़की के साथ मार्च और अप्रैल में दुष्कर्म किया गया. इसी आधार पर कई धाराओं और पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.” Also Read - पद्मश्री से सम्मानित परमाणु वैज्ञानिक डॉ. शेखर बसु का कोविड-19 से निधन, PM मोदी ने जताया दुख

अपनी शिकायत में महिला ने कहा है कि इस पूरे मामले में दो पुलिसकर्मी और इलेक्ट्रानिक मीडिया के दो लोग तथा दो सुरक्षाकर्मी शामिल रहे हैं.

जांच से पता चला है कि लड़की ने भी अपने बयान एक पुलिसकर्मी और उसके दो सहयोगियों के इस कुकृत्य में शामिल होने की बात कही है. डीसीपी ने कहा कि यह मामला महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की जांच करने वाले विभाग को सौंप दिया गया है.