भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य में हुआ हादसा। इस घटना से दो लोगों की मौत हुई है। कर्नाटक के कारवाड़ में हादसा हुआ है। मारे गए दोनों शख्स नेवी के जवान हैं। हादसा दस जून को शाम के पांच बजे हुआ। मिली जानकारी के अनुसार जहरीली गैस का लीकेज सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से हुआ। उस वक्त रिफ्ट ऑपरेशन चल रहा था। गोवा के पास कारवार नौसेना के बेस पर विक्रमादित्य पर रिफीट का काम एक जून से चल रहा है। Also Read - चीन से तकरार के बीच नौसेना को मिलने जा रहा ये सबसे खतरनाक युद्धपोत, कहीं भी छिपो... ढूंढ निकालेगा

Also Read - भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफल परीक्षण किया, भारतीय नौसेना की ताकत में होगा और इजाफा

गौरतलब हो कि इस हादसे में में दो की मौत हुई है और चार को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसमें दो नौसैनिक और दो सिविलयन वर्कर हैं। रूस निर्मित विक्रमादित्य एक तैरते हुए शहर जैसा है, जिस पर 22 डेक हैं। 1600 से ज्यादा जवान इस पर तैनात रहते हैं। इसकी लागत पर 15 हजार करोड़ रुपए खर्च आए। इस पर 30 वॉरप्लेन, 6 सबमरीन, टोही हेलिकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं। यह भी पढ़ें: नरेन्द्र मोदी ने कहा पाकिस्तान में परमाणु का ज़खीरा बनना चिंता का विषय है Also Read - Sarkari Naukri 2020: Indian Navy Recruitment 2020: भारतीय नौसेना में निकली वैकेंसी, JEE Mains 2020 कैंडीडेट्स इस दिन से कर सकते हैं आवेदन

आईएनएस विक्रमादित्य यह भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक विमान वाहक पोत है इस पोत को भारतीय नेवी में 2013 में शामिल किया गया। इस आधुनिक विमानवाहक पोत में मिग-29 के जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हैं। बता दें की नेवी में शामिल होने के बाद ये पहला मौका है जब इस विमानवाहक पोत पर कोई दुर्घटना हुई है। इस घटना के तुरंत बाद ही भारतीय नेवी ने इस मामले की जांच के लिये बोर्ड ऑफ इनक्वायरी के आदेश दे दिये हैं।