नई दिल्ली. राजस्थान के अलवर में कथित गौ तस्करी के आरोप में 28 साल के अकबर खान की पीट-पीटकर हत्या का मामला सुर्खियों में है. इस तरह के मामले में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी बयान दिया है. लेकिन, केंद्रीयमंत्री अश्विनी चौबे ने इस पर कहा है कि गौरक्षक कभी भी हिंसा का प्रयोग नहीं करते हैं. मंगलवार को उन्होंने कहा, गौ रक्षक कभी हिंसक नहीं हो सकता. ये समाज में एकाद लोग हैं, जो हिंसा करते हैं. जो सही में गौ रक्षक है वह शांति का पुजारी होता है.

बता दें कि भीड़ द्वारा हत्या के मामलों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केंद्र ने सभी राज्यों से प्रत्येक जिले में पुलिस अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी को नियुक्त करने , खुफिया जानकारी जुटाने के लिये विशेष कार्यबल बनाने और सोशल मीडिया पर आने वाली सामग्री पर करीबी नजर रखने को कहा है जिससे बच्चा चोर या गो तस्कर होने के संदेह में किसी पर हमला न किया जाए.

गृहमंत्रालय ने ये कहा
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि जब भी यह पाया जाएगा कि कोई पुलिस अधिकारी या जिला प्रशासन का कोई अधिकारी भीड़ द्वारा हिंसा या हत्या जैसे अपराधों की रोकथाम, जांच या त्वरित सुनवाई के लिये निर्देशों के अनुपालन में विफल रहता है तो इसे जानबूझकर लापरवाही और कदाचरण के तौर पर देखा जाना चाहिए तथा संबंधित अधिकारी के खिलाफ निश्चित रूप कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.

पुलिस महानिदेशकों को निर्देश
राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और मुख्य सचिवों को भेजे गए परामर्श में कहा गया , ‘देश के कुछ हिस्सों में भीड़ द्वारा हिंसा और हत्या की घटनाएं विभिन्न तरह की अफवाहों और अपुष्ट खबरों, जैसे बच्चा उठाने, चोरी या मवेशियों की तस्करी, के बाद फैलीं. ये गहन चिंता का विषय हैं. लोगों के कानून को हाथ में लेने की ऐसी घटनाएं कानून के शासन के मौलिक सिद्धांतों के विपरीत हैं.’

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करें
इसमें कहा गया, सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और कानून प्रवर्तक एजेंसियों से अनुरोध किया गया है कि वे उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अक्षरश : अनुपालन करें. इस बारे में उठाए गए कदमों की विस्तृत रिपोर्ट मंत्रालय को यथाशीघ्र भेजी जाए.