बेंगलुरू. वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश हत्या के मामले की जांच एक कदम और आगे बढ़ी है. कन्नड़ भाषा के पत्रकार की हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को इस सिलसिले में पूछताछ के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में लिया. इस मामले के जांच अधिकारी, पुलिस उपायुक्त (बेंगलुरू पश्चिम) एम. एन. अनुचेथ ने बताया कि टी. नवीन कुमार उर्फ होत्ते मांजा को आठ दिन के लिए हिरासत में लिया गया है. कुमार पहले ही एक अन्य मामले में न्यायिक रिमांड पर है. हालांकि उन्होंने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया. Also Read - Delhi Violence: मृतकों की संख्‍या 38 हुई, सभी मामलों की जांच के लिए दो SIT गठित

बता दें कि पिछले वर्ष 5 सितंबर को गौरी लंकेश (55) की यहां उनके घर पर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमलावरों ने राज राजेश्वरी इलाके में उनके घर के सामने ही वारदात को अंजाम दिया था. उन पर सात गोलियां दागी गईं थीं. दो गोलियां उनकी छाती में और एक माथे पर लगी. पुलिस ने बताया कि टी. नवीन कुमार को अवैध रूप से पिस्तौल की गोलियां रखने के आरोप में 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था. उसके खिलाफ सशस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था. इससे पूर्व उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर पुलिस उससे और पूछताछ करना चाहती थी और इसके लिए पुलिस ने अदालत का रुख किया था. अदालत ने उसे आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. Also Read - Delhi Violence: सभी मामलों की जांच करने के लिए दो SIT गठि‍त, सभी FIR ट्रांसफर

गृह मंत्री ने कहा था- एसआईटी के पास हैं सबूत
कर्नाटक के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने लंकेश की हत्या के करीब दो महीने बाद पिछले साल दिसंबर में कहा था कि वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश के हत्यारों को कुछ हफ्तों में निश्चित रूप से पकड़ लिया जाएगा. हत्या की जांच कर रही एसआईटी के पास हमलावरों के खिलाफ सबूत हैं. रेड्डी ने कहा था, ‘गौरी के हत्यारों को सौ फीसदी पकड़ लिया जाएगा. यह कुछ हफ्तों में होगा.’ हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब एक या दो हफ्ता नहीं है. यह कुछ हफ्तों में होगा. बता दें कि पत्रकार गौरी लंकेश कन्नड़ टैबलॉयड ‘गौरी लंकेश पत्रिका’ का संपादन करती थीं. इसके अलावा कुछ दूसरे प्रकाशन की भी मालकिन थीं. लंकेश पर भाजपा के नेताओं के खिलाफ एक रिपोर्ट प्रकाशित करने को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था. नवंबर 2016 में इस मामले में उन्हें छह माह जेल की सजा हुई थी. Also Read - जामिया हिंसा: एक के बाद एक जारी हो रहे विवादित वीडियो पर पुलिस संजीदा, जांच के लिए कैंपस पहुंची SIT

नवीन कुमार के कट्टरपंथी संगठनों से संबंध का शक
स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक एसआईटी द्वारा हिरासत में लिए गए टी. नवीन कुमार उर्फ होत्ते मांजा के कट्टरपंथी संगठनों के साथ नजदीकी ताल्लुकात रहे हैं. पत्रकार गौरी लंकेश कट्टरपंथियों के खिलाफ अपने लेखन के कारण ही चर्चित रही हैं. उनकी हत्या के मामले की जांच को लेकर कर्नाटक पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों के स्केच भी जारी किए थे. साथ ही आम जनता से हत्या आरोपियों की पहचान में सहायता करने की अपील की थी. बताया गया कि गौरी लंकेश की हत्या के बाद हेलमेट पहने एक व्यक्ति का फुटेज सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हुआ था. पुलिस ने हत्या आरोपियों की पहचान बताने वाले को 10 लाख रुपए का इनाम देने की भी घोषणा कर रखी है.

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लंकेश पर फिल्मकार प्रदीप केपी ने बनाई है डॉक्यूमेंट्री
गौरी लंकेश पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले फिल्मकार प्रदीप केपी ने बीते दिनों कहा था कि गौरी लंकेश बाकी दुनिया के लिए भले ही एक साहसी कार्यकर्ता-पत्रकार रही हों लेकिन मेरे लिए वह एक प्रिय मित्र थीं. प्रदीप ने कहा कि गौरी की हत्या की खबर मिलने पर वह सन्न रह गए थे. डॉक्यूमेंट्री बनाना नहीं चाहते थे. लेकिन लोगों के गौरी के समर्थन में आगे आने पर उन्होंने अपना मन बदला. प्रदीप की फिल्म ‘आवर गौरी’ की बीते दिनों 10वें बेंगलुरू अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में स्क्रीनिंग की गई थी. फिल्म के बारे में बताते हुए प्रदीप ने कहा, ‘मैं यह नहीं करना चाहता था। खबर मिलने के बाद जब मेरे निर्माण दल के लोग गौरी के घर पहुंचे, उन्होंने शूटिंग शुरू कर दी थी. अगले दिन जब मैंने सोशल मीडिया पर नजर दौड़ाई, मैंने देखा ऐसे-ऐसे लोग उनके लिए नफरत उगल रहे हैं जो उन्हें जानते तक नहीं. प्रदीप ने बताया कि फिल्म की टीम ने 700 घंटे के फुटेज से शॉट निकाले और बिना रुके 22 दिन तक शूटिंग की.

(इनपुट एजेंसी से)