नई दिल्ली: पूर्व क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गौतम गंभीर को एक बार फिर धमकी मिली है. गौतम गंभीर को कथित रूप से ‘ISIS Kashmir’ ने जान से मारने की एक धमकी दी. सांसद गंभीर को पिछले छह दिन में तीसरी बार इस प्रकार की धमकी मिली है. गौतम गंभीर इससे पहले भी जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत कर चुके हैं. गौतम गंभीर को एक मेल से से देर रात एक बजकर 37 मिनट पर एक ईमेल मिला, जिसमें लिखा है, ‘‘आपकी दिल्ली पुलिस और आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) की अधिकारी श्वेता (पुलिस उपायुक्त) कुछ नहीं उखाड़ सकतीं. हमारे जासूस पुलिस में भी हैं. आपके बारे में पूरी जानकारी मिल रही है.’’Also Read - UP Election 2022: तीसरे व चौथे चरण के लिए उम्मीदवारों के नाम पर BJP में मंथन, चार घंटे चली मीटिंग

इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें ई-मेल की विषयवस्तु प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जारी है. गौतम गंभीर को मंगलवार औैर बुधवार को भी इसी प्रकार की धमकियां मिली थीं. गंभीर के निजी सचिव गौतम अरोड़ा द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, सांसद को मंगलवार रात नौ बजकर 32 मिनट पर उनके आधिकारिक ई-मेल आईडी पर जान से मारने की पहली धमकी दी गई. यह ई-मेल कथित रूप से आईएसआईएस कश्मीर ने भेजा था, जिसमें लिखा था, ‘‘हम आपको और आपके परिवार को जान से मार देंगे.’’ Also Read - UP Election 2022: आगरा में 6 उम्मीदवारों ने चुनाव के लिये नामांकन किया, एक ट्रांसजेंडर भी मैदान में

पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्वेता चौहान ने कहा था, ‘‘शिकायत मिलने के बाद, जिला पुलिस ने गंभीर की निजी सुरक्षा और उनके राजेंद्र नगर इलाके में स्थित आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.’’ इसके तुरंत बाद पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने गूगल को पत्र लिखकर उस ईमेल आईडी के संचालक समेत अन्य संबंधित जानकारी मांगी, जिससे कथित धमकी भरे मेल भेजे गए. Also Read - Zee Opinion Poll: उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या आप बनेंगे मुख्यमंत्री? जानें हरीश रावत का जवाब...

पुलिस ने बताया कि पुलिस उपायुक्त को फोन पर जानकारी दी गई कि गंभीर को बुधवार दोपहर दो बजकर 32 मिनट पर इसी ई-मेल आईडी से दूसरी बार धमकी दी गई. शिकायतकर्ता ने बताया कि दूसरे ई-मेल में गंभीर के आवास का एक वीडियो भी संलग्न था. दूसरे ई-मेल में कहा गया, ‘‘हम आपको जान से मारना चाहते थे, लेकिन आप कल बच गए. यदि आपको अपने परिवार की जान प्यारी है, तो राजनीति औैर कश्मीर के मामले से दूर रहिए.’’