रायपुर, 14 अप्रैल | केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वी.के. सिंह मंगलवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी पहुंचे। प्रदेश में लगातार हो रही नक्सल वारदातों पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस दिशा में अच्छा काम कर रही है, अब यहां के मूल निवासियों को तय करना है कि उन्हें विकास चाहिए या बंदूक। रायपुर प्रवास के दौरान एक निजी चैनल से बातचीत में सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सेना की तैनाती नहीं हुई है, यहां नक्सल मोर्चो पर पैरामिल्रिटी फोर्स तैनात है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय आदिवासी भी रहते हैं, ऐसे में वहां तैनात सुरक्षाबल को एक सुनियोजित रणनीति बनाने की जरूरत है। एक ऐसी रणनीति जो सुरक्षाबल पर ग्रामीणों का विश्वास बढ़ा सके और नक्सलवाद का खात्मा कर सके।  यह भी पढ़ें–छत्तीसगढ़ : नक्सल क्षेत्र में हर 2 दिन पर 1 हत्या

नक्सलियों को मिलने वाली कथित विदेश मदद के मुद्दे पर जनरल सिंह ने कहा कि उनके सेना प्रमुख रहते ऐसा कोई ‘इनपुट’ नहीं मिला। वह यहां चल रहे फिल्मोत्सव के समापन समारोह में भाग लेने आए हैं।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सोमवार दोपहर नक्सलियों ने बारूदी सुरंग-रोधी वाहन को बारूदी सुरंग में विस्फोट कर उड़ा दिया। इस हादसे में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के 4 जवान शहीद हो गए, वहीं 8 घायल हो गए। विस्फोट की इस वारदात से कुछ कुछ ही घंटे पहले सशस्त्र नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शिविर पर हमला कर दिया था जिसमें एक जवान शहीद हो गया।

दंतेवाड़ा में हुए विस्फोट के बाद जवानों की नक्सलियों से मुठभेड़ भी हुई, जिसके बाद नक्सली भाग खड़े हुए। घटना दोपहर ढाई बजे के आसपास की बताई गई है। घायलों को फिलहाल एनएमडीसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  शहीद होने वालों में एंटी लैंड माइन व्हीकल के ड्राइवर शिवा कश्यप, सहायक आरक्षक अलाउद्दीन, लल्लूराम प्रधान और जयप्रकाश पासवान शामिल हैं।  दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक कमलोचन कश्यप ने घटनास्थल पर मीडिया को बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यह भी पढ़ें– छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला, जवान शहीद

उन्होंने कहा, “यह शक्तिशाली विस्फोट था। अनुमान है कि इसमें 50 किलो के आईईडी (इप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल किया गया। विस्फोट से एंटी लैंडमाइन वाहन बुरी तरह हिल गया और चार सीएएफ जवान शहीद हो गए।” पुलिस सूत्रों के अनुसार, किरंदुल से पालनार मार्ग पर पुलिस का संयुक्त बल गश्त के लिए रवाना किया गया था। इसके साथ एंटी लैंड माइंस व्हीकल भी रवाना की गई थी। ग्राम चोलनार के समीप जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने व्हीकल पर निशाना साधते हुए बारूदी सुरंग विस्फोट कर दिया।

धमाके से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी 11 जवान जख्मी हो गए। जिनमें से चार ने दम तोड़ दिया।  बताया जाता है कि धमाके के तुरंत बाद ही नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में फौरन मोर्चा संभालते हुए पुलिस जवानों ने भी फायरिंग की। लगभग एक घंटे तक दोनों ओर से हुयी फायरिंग के बाद अंतत: नक्सलियों के पैर उखड़ गए और वे घने जंगल व पहाड़ियों की आड़ लेकर भाग खड़े हुए।