लखनऊ: उत्तर प्रदेश का सोनभद्र इन दिनों सोने को लेकर चर्चा में है. जियोलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) ने शनिवार को खदान में 3000 हजार टन नहीं, बल्कि सिर्फ 160 किलो सोना होने का दावा किया है. जीएसआई के निदेशक डॉ.जी.एस. तिवारी ने बताया कि सोनभद्र की खदान में 3000 टन सोना होने की बात जीएसआई नहीं मानता. सोनभद्र में 52806.25 टन स्वर्ण अयस्क होने की बात कही गई है न कि शुद्ध सोना. सोनभद्र में मिले स्वर्ण अयस्क से प्रति टन सिर्फ 3.03 ग्राम ही सोना निकलेगा. पूरे खदान से 160 किलो सोना ही निकलेगा. Also Read - गाजियाबाद में खुला UP-NCR का पहला 'फोन बूथ', 5 मिनट में होगी कोरोना की जांच

तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में सोने की तलाश अभी जारी है. जीएसआई का सर्वे अभी चल रहा है. वहां पर और सोना मिलने की संभावना से अभी इनकार नहीं किया जा सकता. लेकिन अभी जो अयस्क मिला है, उससे 160 किलो ही सोना निकलेगा. Also Read - पीएम मोदी के प्रयासों और उपायों के कारण कोरोना भारत में दूसरे स्टेज पर ही रूका : योगी आदित्यनाथ

उन्होंने बताया कि जीएसआई द्वारा इस अन्वेषण की यूएनएफसी मानक की जी 3 स्तर की रिपोर्ट भूतत्व खनिक कर्म निदेशालय को भेजी गई है. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण उत्तरी क्षेत्र, लखनऊ की उक्त अन्वेषण रिपोर्ट के संबंध में नीलामी संबंधी कार्यवाही के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, लखनऊ से गठित टीम द्वारा अन्वेषण किए गए क्षेत्र की भूमि से संबंधित रिपोर्ट निदेशालय को प्राप्त हुई है. Also Read - coronavirus cases in uttar pradesh: सामने आए 30 नए मामले, 26 तबलीगी जमात से जुड़े लोग, आगे बढ़ सकता है लॉकडाउन

तिवारी ने बताया कि इस संबंध में सोनभद्र के जिलाधिकारी से भूमि संबंधी रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है, उसके बाद क्षेत्र को भूराजस्व मानचित्र पर अंकित कर खनन के लिए उपयुक्त क्षेत्र की आवश्यक औपचारिकता पूरी करते हुए नीलामी की कार्यवाही की जाएगी.

वहीं, कोलकाता में जीएसआई के महानिदेशक एम. श्रीधर ने कहा कि “जीएसआई की ओर से इस तरह का डाटा किसी को नहीं दिया जाता. जीएसआई ने सोनभद्र में इतना सोना होने का अनुमान नहीं लगाया.” उन्होंने कहा कि राज्य यूनिट के साथ सर्वे करने के बाद किसी धातु के मिलने की जानकारी साझा की जाती है. जीएसआई (उत्तर क्षेत्र) ने इस क्षेत्र (सोनभद्र) में 1998-99 और 1999-2000 में खुदाई की थी, वह रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के डीजीएम के साथ साझा कर दी गयी थी, ताकि आगे की कार्रवाई कर सकें. श्रीधर ने कहा, “सोने के लिए जीएसआई की तरफ से चली खुदाई संतोषजनक नहीं थी और हम सोनभद्र जिले में सोने के विशाल स्रोत के परिणाम से भी बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं थे.”

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की सोन और हरदी पहाड़ी में अधिकारियों ने सोना मिलने की पुष्टि की है. इसके अलावा क्षेत्र की पहाड़ियों में एंडालुसाइट, पोटाश, लौह अयस्क आदि खनिज संपदा होने की बात भी चर्चा में है. क्षेत्र के आसपास की पहाड़ियों में लगातार 15 दिनों से हेलीकप्टर से सर्वे किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि हवाई सर्वे के माध्यम से यूरेनियम का भी पता लगाया जा रहा है. इसकी मौजूदगी की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है.

भारत में सबसे ज्यादा सोना कर्नाटक की हुत्ती खदान से निकाला जाता है. इस लिहाज से भारत में कर्नाटक सोने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है. इसके बाद आंध्रप्रदेश, दूसरा सबसे बड़ा सोना उत्पादक राज्य है. इनके अलावा झारखंड, केरल और मध्यप्रदेश में भी सोना की छोटी-बड़ी खदानें हैं.