नई दिल्ली: जर्मनी ने भारत को किसानों की आय दोगुनी करने में अपनी तकनीक व प्रबंधन विशेषज्ञता से मदद करने की पेशकश की है. जर्मनी की खाद्य एवं कृषि मंत्री जूलिया क्लोकनर ने यहां शुक्रवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बैठक में यह पेशकश की. जूलिया ने बैठक में कहा कि जर्मनी के पास मशीनीकरण और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन की विशेषज्ञता है, जो भारत में किसानों की आय दोगुनी करने में अहम साबित हो सकती है.

दोनों मंत्रियों ने भारत और जर्मनी के बीच कृषि बाजार विकास सहयोग से संबंधित संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए. बैठक के दौरान तोमर ने कहा कि भारत ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. उन्होंने कहा, “किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उत्पादन में वृद्धि करने के साथ-साथ लागत कम करने, प्रतिस्पर्धी बाजार बनाने तथा कृषि के लिए मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.” तोमर ने कहा, ” भारत ने कृषि निर्यात नीति 2018 के अंतर्गत अपने कृषि उत्पादों का निर्यात 2022 तक दोगुना करते हुए 60 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.”

दोनों मंत्रियों ने कहा कि जर्मनी और भारत के लिए कृषि प्राथमिकता का क्षेत्र है. उन्होंने मशीनीकरण, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, आपूर्ति श्रृंखला, बाजार तक पहुंच, निर्यात, खाद्य सुरक्षा, प्रयोगशालाओं की स्थापना में सहयोग, खाद्य जांच कार्यशाला आदि विषयों पर भी विचार-विमर्श किया. इस मौके पर कृषि क्षेत्र में तकनीकी और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (एमएएनएजीई) तथा जर्मन एग्रीकल्चर ऐकेडमी (डीईयूएलए)-निएनबर्ग के बीच एक सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किए गए.

(इनपुट भाषा)