हमारे देश में पढ़ाई को अलग-अलग सरकारें बड़े-बड़े दावें करती है तो केंद्र सरकार भी उनका समर्थन करती है। लेकिन आज हम ऐसे मामले से आपको अवगत कराना चाहते है। जिसने इन सारे दावों की पोल खोल कर रख दी है। बताना चाहेंगे कि गाजियाबाद में स्कूली बच्ची ने पिता के अपमान से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली।Also Read - PM मोदी कल रखेंगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधारशिला, देश का पहला नेट जीरो एमिशन विमानतल होगा

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ज्ञात हो कि सिहानी थाना क्षेत्र में रहने वाले रतन सिंह 3 माह से बच्चों की फीस जमा नहीं करा सके थे। आरोप है कि स्कूल टीचर्स ने फीस के लिए घर आकर रतन सिंह के साथ मारपीट की और उन्हें बेइज्जत किया। इसी से दुखी होकर 14 साल की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। Also Read - UP के 9 रेलवे स्टेशनों और अयोध्‍या समेत कई शहरों के मंदिरों को 6 दिसंबर को बम उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

रतन सिंह मूलतः यूपी के जालौन के रहने वाले हैं। वह गाजियाबाद में अपने परिवार के साथ रह रहा था। सिक्यॉरिटी गार्ड की नौकरी कर वह पत्नी रानी और तीन बेटियों के साथ किसी तरह गुजर-बसर कर रहा था। प्रियांशी उर्फ जैसमीन (14) ने इसी साल घूकना स्थित डीएसपी स्कूल से आठवीं पास की थी।

महिला टीचरों ने बच्ची के घर जमकर बवाल काटा और पिता को थप्पड़ भी मारा। इससे परेशान लड़की ने अपने कमरे में जाकर खुदकुशी कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी तीनों महिलाओं को थाने ले गई। यह भी-लड़की ने की आत्महत्या, सामने आया सनसनीखेज “Video”

फीस बढ़ने के कारण रतन सिंह ने बच्चों को स्कूल से निकाल लिया था और प्रियांशी का गुरुनानक स्कूल व तीन बच्चों का अलग अलग स्कूल में दाखिला करा दिया था। वह पुराने स्कूल में बच्चों की दो से तीन माह की फीस जमा नहीं कर पाया था। पिछले दस दिन से रानी पैसे का इंतजाम करने के लिए गांव गई हुई थी और बुधवार को घर पर रतन सिंह बच्चों के साथ था।

दोपहर करीब तीन बजे स्कूल की छह शिक्षिकाओं समेत लोग रतन सिंह के घर पहुंचे और बच्चों के सामने ही उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगे। आरोप है कि शिक्षिकाओं ने रतन के साथ मारपीट की और बच्चों से भी बदतमीजी की।

प्रियांशी इस हालात को देख नहीं सकी, वह पिता के अपमान से आहत हो उठी औरर कमरे में जाकर दरवाजे की ग्रिल से दुपट्टे का फंदा लगाकर उसने आत्महत्या कर ली।

इस पूरी घटना के विरोध में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। थाने पहुंचकर लोगों ने घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। महिलाओं ने पुलिस की मौजूदगी में शिक्षिकाओं को जमकर पीटा। प्रिंसिपल समेत 6 महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है और पांच आरोपियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जा रही है।