शिमला: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार कहा कि उनकी पार्टी को अगर उनकी पार्टी को प्रधानमंत्री पद की पेशकश नहीं की गई तो भी पार्टी इसे मुद्दा नहीं बनाएगी. उन्होंने शिमला पत्रकारों से कहा, “हम इसे एक मुद्दा नहीं बनाने जा रहे हैं कि अगर हमें प्रधानमंत्री पद की पेशकश नहीं की गई तो हम किसी अन्य नेता को प्रधानमंत्री बनने नहीं देंगे.”गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री से परहेज नहीं होने संबंधी गुलाम नबी आजाद के बयान पर कांग्रेस ने कहा कि 23 मई तक इंतजार किया जाना चाहिए और इसके बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

बिन तुगलक के फैसलों सा बताया
आजाद ने कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकना चाहती है, जो कि जनविरोधी, किसान विरोधी, मजदूर विरोधी है. वहीं, आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों को 14वीं सदी के दिल्ली के विवादित शासक मोहम्मद बिन तुगलक के फैसलों सा बताया.

भाजपा और ना ही राजग केंद्र में सत्ता में आएंगे
कांग्रेस के सीनियर नेता ने कहा, “अगर केंद्र में एक गठबंधन सरकार बनेगी और यह भाजपा-विरोधी पार्टियों के सहयोग से बनेगी व कांग्रेस सरकार में शामिल होगी तो पार्टी इसे प्रतिष्ठा का विषय नहीं बनाएगी.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन पर आजाद ने कहा कि ना ही भाजपा और ना ही राजग केंद्र में सत्ता में आएंगे.

भाजपा के 90 % प्रचार अभियान की अगुवाई मोदी ने की
मोदी पर निशाना साधते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, “मोदी विश्व के ऐसे पहले नेता होंगे जिन्होंने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 60 प्रतिशत समय विदेशी दौरों में बिताया. इसके अलावा
भाजपा के 90 प्रतिशत प्रचार अभियान की अगुवाई मोदी ने की.”

आजाद ने मोदी की तुलना मोहम्मद बिन तुगलक से की
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों को 14वीं सदी के दिल्ली के विवादित शासक मोहम्मद बिन तुगलक के फैसलों सा बताया. राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने 2016 की नोटबंदी के कदम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि मोदी ने अपने शासन में कई तुगलकी फरमान जारी किए, जिनके चलते आम जनता को परेशानी हुई. आजाद ने पत्रकारों से कहा, मोदी ने 500 रुपए, 1,000 रुपए के नोट को नए नोटों से बदला जैसा तुगलक अपने शासन के दौरान कांसे और तांबे की मुद्रा जारी
करता था.

राय ईवीएम के अंदर बंद है. 23 तारीख तक इंतजार
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आजाद के बयान पर संवाददाताओं से कहा, जिस टिप्पणी की आपने चर्चा की है, मैं उसके बारे में केवल ये कहूंगा कि इस देश की जनता मालिक है, मालिक जो आदेश करेगा, वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मानेगी. अब तो 6 चरणों का चुनाव समाप्त हो गया है, अब तो लगभग लोगों की राय ईवीएम मशीन के अंदर बंद है. 23 तारीख तक इंतजार कर लीजिए, सारी बात सामने आ जाएगी.

कांग्रेस नेता के नाम पर आम सहमति बने
दरअसल, आजाद ने बुधवार को पटना में कहा था कि अच्छा होगा अगर लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार चलाने के लिए कांग्रेस नेता के नाम पर आम सहमति बने, लेकिन हम इसे कोई मुद्दा नहीं बनाने जा रहे कि अगर हमें (कांग्रेस को) प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की पेशकश नहीं की गई तो हम (कांग्रेस) किसी और (नेता) को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे.

23 मई के बाद कांग्रेस विपक्षी दल नहीं 
संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी के विपक्षी दलों के नेताओं से संपर्क साधने से जुड़े सवाल पर सुरजेवाला ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि 23 मई के बाद कांग्रेस को आप लोग (मीडिया) विपक्षी दल नहीं कहेंगे.