जम्मू/नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद को मंगलवार को जम्मू हवाई अड्डे पर रोक दिया गया और उन्हें वापस दिल्ली भेज दिया गया. हाल के दिनों में यह दूसरा मौका है जब आजाद को जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने से रोका गया है. बता दें कि इससे पहले 8 अगस्त को आजाद को रोका गया था और श्रीनगर हवाई अड्डे से वापस दिल्‍ली भेज दिया गया था.

जम्मू एयरपोर्ट पर रोका जाने को लेकर आजाद ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है. यदि मुख्यधारा के राजनीतिक दलों का दौरा नहीं हुआ, तो कौन जाएगा? जम्‍मू और कश्‍मीर के तीन पूर्व सीएम पहले से ही घर में नजरबंद हैं और एक पूर्व सीएम को राज्य में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, यह असहिष्णुता का संकेत है.

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने बताया, ”आजाद साहब दोपहर दो बजकर 45 मिनट पर दिल्ली से (जम्मू) पहुंचे और उन्हें हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया गया. शाम चार बजकर 10 मिनट पर उन्हें वापसी की उड़ान से दिल्ली भेज दिया गया.”

आजाद के करीबी सहयोगियों ने बताया कि जम्मू हवाई अड्डे पर उतरने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को हवाई अड्डे से बाहर नहीं निकलने दिया गया. वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में शामिल होने वाले थे. कांग्रेस नेता गोएयर की उड़ान से शाम को दिल्ली के लिए रवाना हुए.

इससे पहले, केंद्र द्वारा जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के मद्देनजर प्रशासन द्वारा लगायी गई पाबंदियों के बाद 8 अगस्त को आजाद को कुछ समय के लिए रोका गया था और श्रीनगर हवाई अड्डे से वापस भेज दिया था.

शर्मा ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें (आजाद) पिछले दो हफ्ते में अपने गृह राज्य जाने की अनुमति नहीं दी गई. वह जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री हैं. राज्य से राज्यसभा के सदस्य हैं और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अनुच्छेद 370 की कई धाराएं खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के कदम से पैदा हुए हालात की पृष्ठभूमि में लोगों से बातचीत करने कश्मीर जा रहे थे.

प्रवक्ता ने दावा किया, ”उनको जाने की इजाजत नहीं देना दिखाता है कि किस तरह मुख्यधारा की राष्ट्रीय पार्टी को मौजूदा हालात के बारे में बात करने और चर्चा करने की अनुमति नहीं दी जा रही.” उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता गड़बड़ी फैलाने वाले नहीं हैं कि राज्य इस तरह का बर्ताव कर रहा है.