नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को शुरु हुए संसद के बजट सत्र के पहले दिन, राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों की नारेबाजी को कांग्रेस प्रायोजित बताते हुए कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) कांग्रेस की अतीत की गलतियों को दुरुस्त करने के लिए लागू किया गया है और उसे (कांग्रेस को) इसका समर्थन कर प्रायश्चित करना चाहिए. Also Read - Delhi Municipal Corporation Election 2021: दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए वोटिंग जारी, 3 मार्च को आएगा रिजल्ट

राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद भवन परिसर में सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए आज प्रायश्चित करने का दिन था. राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान ऐसा ओछा व्यवहार हमने पहले कभी नहीं देखा. कांग्रेस ने लोकतंत्र की गरिमा को गिराने का काम किया है. उल्लेखनीय है कि दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अभिभाषण में सीएए और जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को सरकार का ऐतिहासिक कदम बताया. कुछ सदस्यों ने नारेबाजी कर इस पर अपना विरोध प्रकट किया. वहीं, कांग्रेस के सदस्य विरोध स्वरूप काली पट्टी बांध कर सदन में उपस्थित हुए थे. Also Read - जम्मू में जुटे ‘ग्रुप ऑफ 23’ के नेता, कांग्रेस बोली- चुनावी राज्यों में प्रचार कर अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा दिखाएं

सिंह ने कहा कि कांग्रेस को तो सीएए लागू होने के बाद जश्न मनाना चाहिये था क्योंकि उसने लाखों भारतवंशियों को शरणार्थी बनाकर दुर्दशा की हालत में छोड़ दिया था. उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारा फर्ज बनता था कि हम उन्हें सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाते, जब हमने यह काम कर दिया है तो कांग्रेस के लिये तो यह अच्छा अवसर था कि वे अपनी भूल का प्रायश्चित करते.’’ Also Read - केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का विरोध

सत्तारूढ़ गठबंधन राजग के प्रमुख घटक दल लोजपा (लोकजनशक्ति पार्टी) के सांसद और पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी सीएए के विरोध को गैरजरूरी बताते हुये कहा कि इस मामले में लोगों को भ्रमित कर देश और समाज को बांटने का काम किया जा रहा है. पासवान ने कहा, ‘‘सीएए का विरोध कर रहे लोगों को इतिहास माफ नहीं करेगा क्योंकि आने वाले एक-दो साल में यह साफ हो जायेगा कि किसकी नागरिकता छीनी गयी.’’

पासवान ने कहा, ‘‘देश एक नाजुक दौर से गुजर रहा है और विपक्षी दल आग में घी डालने का काम कर रहे हैं, ऐसे राजनेताओं को इतिहास कभी माफ नहीं करेगा.’’