उत्तर प्रदेश में पुलिस की घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है. इसमें करीब 20 साल की एक विधवा को उसके पिता और चाची ने 10 हजार रुपये में बेच दिया. इसके बाद युवती को खरीदने वाले ने अपने साथियों के मिलकर उसका गैंगरेप किया. जब युवती ने किसी तरह बचाव के लिए पुलिस से संपर्क किया तो वहां से भी उसको भगा दिया गया. इन प्रताड़नाओं से परेशान होकर युवती ने खुद आग लगा ली. अब उसकी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. वह 80 फीसदी तक जल चुकी है.

इस बारे में टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक रिपोर्ट छापी है. यह मामला उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले का है. पति की मौत के बाद युवती के पिता और उसकी चाची ने इसे बेच दिया. जिस महिला ने युवती को खरीदा था उसने कई लोगों से कर्ज ले रखा था. उसने इन लोगों (कर्जदाताओं) के घर इस लड़की को काम करने के लिए भेजना शुरू कर दिया. इन घरों में युवती का उत्पीड़न और उसके साथ रेप होता रहा. किसी तरह युवती बचकर एक दिन पुलिस के पास पहुंची.

हापुड़ के एसपी यशवीर सिंह ने बताया है कि इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने इस मामले का संज्ञान लिया है. युवती को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. स्वाति मालीवाल ने पत्र में लिखा है कि युवती ने हापुड़ के एसपी तक से इस बारे में शिकायत की थी लेकिन कुछ नहीं किया गया. यह घोर लापरवाही का मामला है. उत्पीड़न से परेशान होकर युवती ने 28 अप्रैल को आग लगा ली.