नई दिल्लीः अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौक पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद गोपाल शेट्टी ने गुरुवार को लोकसभा में प्राइवेट मेंबर बिल का प्रस्ताव रखा. इसमें शादी के लिए लड़कियों की उम्र 18 से 21 करने की मांग की गई है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान बीजेपी सांसद ने कहा कि अगर लड़कियां 18 साल की उम्र में घरवालों की मर्जी से शादी करती हैं, तो यह उम्र 18 रखी जानी चाहिए, लेकिन अगर वह घरवालों की मर्जी से शादी नहीं करती हैं, तो यह उम्र 21 साल कर देनी चाहिए. गोपाल शेट्टी इस मुद्दे को लोकसभा में शून्यकाल में भी उठाना चाहते हैं. उनका कहना है कि युवतियों से बहला-फुसलाकर शादी कर ली जाती है और फिर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है. Also Read - Totke For Daughter Marriage: विदाई के समय करें ये 7 टोटके, ससुराल में सदा सुखी रहेगी बेटी

महिला दिवस के मौके पर बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने कहा कि लड़कियां 18 वर्ष की उम्र में लड़कियां उतनी समझदार नहीं होतीं. लिहाजा लड़कियों की शादी की उम्र 18 की बजाय 21 साल की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसी लड़कियों की स्थिति तब और भी चिंताजनक बन हो जाती है, जब छल-कपट से किए गए अंतरजातीय विवाह के बाद युवतियों को खूब प्रताड़ित किया जाता है और उनका जीवन नारकीय बन जाता है. Also Read - try these measures will soon marry girls | आज़माएं ये आसान से उपाय, जिससे नहीं आएंगी कन्या के विवाह में बाधा

बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने सरकार से मांग की है कि इस संबंध में विशेष विवाह अधिनियम 1954 में संशोधन किया जाए, ताकि देश की युवतियों को बहला-फुसलाकर या छल कपट से अंतर जातीय विवाह का शिकार होने से बचाया जा सके. वर्तमान हालात को देखते हुए यह बेहद जरूरी हो गया है.

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की बच्चों से संबंधित एजेंसी यूनिसेफ का कहना है कि भारत में पिछले एक दशक में बाल विवाह में तेजी से कमी आई है. 10 साल पहले 47 प्रतिशत लड़कियों का विवाह 18 वर्ष की उम्र से पहले कर दिया जाता था जो अब घटकर 27 प्रतिशत हो गया है. भारत में हुई इस कमी ने वैश्विक स्तर पर बाल विवाहों की संख्या में कमी लाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है. कुल मिलाकर बाल्यावस्था में शादी करने वाले लड़कियों के अनुपात में15 प्रतिशत कमी आई है. यूनिसेफ द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक पिछले दस सालों में ढाई करोड़ बाल विवाह रोके गए. इनमें सबसे ज्यादा कमी दक्षिण एशिया में दर्ज की गई जहां भारत सबसे ऊपर था.