नई दिल्ली: यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्री एजुले ने उम्मीद जताई है कि आत्मा के अजर-अमर होने का भगवद गीता का सार 2021 के लिए आशा की किरण लेकर आएगा. Also Read - एनसीईआरटी ने यूनेस्को के साथ मिलकर तैयार किया 'साइबर सुरक्षा हैंडबुक',  छात्रों को साइबर धमकी से बचाने में मिलेगी मदद

उन्होंने ट्वीट किया है, ‘‘इस साल क्रिसमस के दिन ही गीता जयंती भी है, 55 सदी पहले आज ही के दिन गीता का उपदेश दिया गया था. ‘आत्मा अजर अमर है, उसे जलाया या सूखाया नहीं जा सकता. आशा है कि आत्मा के अजर-अमर रहने का गीता का यह सार 2021 के लिए आशा की नयी किरण लेकर आएगा.’’ Also Read - International Tolerance Day: अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णु दिवस आज, जानिए आखिर क्यों मनाते हैं ये दिन

उन्होंने लिखा है, ‘‘गीता जयंती 2020 और क्रिसमस की शुभकामनाएं. भगवद गीता साहित्य की उम्दा रचना और ज्ञान का भंडार है. यूनेस्को की मदद से अनुवाद की जाने वाली पुस्तकों में से एक यह भी है.’’ Also Read - भारत ने अयोध्या, कश्मीर पर पाकिस्तानी दुष्प्रचार का दिया करारा जवाब, कहा- पाक को लगा निंदा करने का रोग

शिक्षा मंत्रालय ने भी ट्वीट किया है, ‘‘जैसा कि यूनेस्को की माननीय महानिदेशक ऑड्री एजुले ने अर्जुन और कृष्ण के बीच के संवाद को बहुत सही आलोक में रखा है, हम सब मिलकर नयी आशाओं और प्रेम के साथ 2021 का स्वागत करें.’’