नई दिल्ली. अगले साल की शुरुआत में आंध्र प्रदेश को अलग उच्च न्यायालय (High Court) मिल जाएगा. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने इस बाबत अधिसूचना जारी करने की मंजूरी दे दी है. यह देश का 25वां उच्च न्यायालय होगा. आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती के जस्टिस सिटी कॉम्प्लेक्स में स्थायी इमारत का निर्माण होने तक यह उच्च न्यायालय एक अस्थायी इमारत से संचालित होगा. Also Read - Maharashtra Lockdown Latest News: महाराष्ट्र में फिर लग सकता है लॉकडाउन!, कैबिनेट मंत्री ने दी ये बड़ी जानकारी

दो जून 2014 को राज्य के बंटवारे के बाद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का एक ही उच्च न्यायालय है, जो हैदराबाद से संचालित हो रहा है. हैदराबाद अब तेलंगाना की राजधानी है. न्यायमूर्ति ए.के. सीकरी और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कहा कि चूंकि सारी जरूरतें पूरी कर ली गई हैं, लिहाजा तेलंगाना उच्च न्यायालय और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के रूप में अदालत को विभाजित करने की अधिसूचना जारी करने के लिए सक्षम अधिकारी पर कोई रोक नहीं है. पीठ ने कहा, ‘हमें एक जनवरी 2019 तक ऐसी अधिसूचना की अपेक्षा है, ताकि दोनों उच्च न्यायालय अलग-अलग काम करना शुरू करे और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय भी जल्द से जल्द अपनी नई इमारत से संचालित हो.’ आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से उच्चतम न्यायालय को बताया गया कि जिस इमारत से उच्च न्यायालय अस्थायी तौर पर संचालित होगा, वह इमारत 15 दिसंबर तक तैयार हो जाएगी. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित इन 4 राज्यों से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, कहा- 'दिसंबर में और बदतर हो सकते हैं हालात'

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