पणजी: गोवा में एक बार फिर तेजी से सियासी घटनाक्रम घटा है. शह और मात का खेल एक बीजेपी सरकार के मुख्‍यमंत्री और सरकार को समर्थन दे रही महाराष्‍ट्रवादी गोमांतक पार्टी के प्रमुख व उपमुख्‍यमंत्री सुदीन धवलीकर के बीच हुआ है. इसमें नए सीएम बने प्रमोद सावंत तीन विधायकों वाली पार्टी प्रमुख धवलीकर पर भारी पड़ गए. सावंत ने एमजीपी के दो विधायकों का अपनी पार्टी में विलय करवा लिया और अकेले पड़े धवलीकर को बाहर का रास्‍ता दिखा दिया.Also Read - Goa में BJP को लग सकता है झटका! मंडरेम से टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व CM लक्ष्मीकांत पारसेकर छोड़ सकते हैं पार्टी

राज्‍य में बीजेपी की प्रमोद सावंत सरकार को समर्थन दे रही महाराष्‍ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो विधायक बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उपमुख्यमंत्री सुदीन धवलीकर को बुधवार को कैबिनेट से हटा दिया. इस समय नई दिल्ली में मौजूद राज्यपाल सिन्हा ने अपना दौरा समय से पूर्व
समाप्त कर दिया और वह धवलीकर का स्थान लेने वाले नए मंत्री को शपथ ग्रहण कराने के लिए बुधवार शाम को गोवा पहुंचेंगी. Also Read - Goa Assembly Elections 2022: भाजपा ने जारी की 34 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, 6 विधायकों का टिकट कटा

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गोवा के सीएम सावंत ने कहा, मैंने सुदीन धवलीकर को कैबिनेट से हटा दिया है. रिक्त सीट को भरने का निर्णय शीघ्र लिया जाएगा. धवलीकर को परिवहन एवं लोक कल्याण मंत्रालय सौंपे गए थे, जिनका कार्यभार अब स्वयं सावंत संभालेंगे.

विधायक मनोहर अजगांवकर और दीपक पावस्कर ने गोवा विधानसभा के कार्यवाहक अध्यक्ष माइकल लोबो को पत्र दिया था, जिसमें एमजीपी विधायक दल के भाजपा में विलय की बात कही गई थी. हालांकि, एमजीपी के तीसरे विधायक सुदीन धवलीकर के इस पर हस्ताक्षर नहीं हैं.

धवलीकर एमजीपी के एकमात्र विधायक थे, जो पार्टी से अलग नहीं हुए थे. उन्‍हें मनोहर पर्रिकर के निधन के बाद गठित कैबिनेट में उपमुख्‍यमंत्री के तौर पर शामिल किया गया था. सावंत ने गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा के नाम संबोधित पत्र में धवलीकर को हटाए जाने की सूचना दी.

बता दें कि बीते 17 मार्च को गोवा के सीएम मनोहर पर्रिकर की मौत के बाद 19 मार्च को सावंत को सीएम बनाया गया था. विधानसभा में शक्तिपरीक्षण के दौरान एमजीपी के तीन विधायकों ने बीजेपी की अल्‍पमत सरकार को समर्थन दिया था. धवलीकर एमजीपी के प्रमुख नेता थे, जिन्‍हें गोवा को उपमुख्‍यमंत्री बनाया गया था.