नई दिल्ली: गोवा के डिप्टी स्पीकर और बीजेपी विधायक माइकल लोबो ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ की है. लोबो ने कहा कि देश और राज्य को राहुल जैसे नेताओं की जरूरत है. बता दें कि राहुल गांधी ने मंगलवार को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर से विधानसभा परिसर में मुलाकात की थी और उनकी तबीयत के बारे में पूछा था. पर्रिकर कैंसर से जंग लड़ रहे हैं. इस मुलाकात के बाद बीजेपी विधायक और गोवा के डिप्टी स्पीकर ने कहा, राहुल गांधी हमारे मुख्यमंत्री का हालचाल जानने के लिए विशेष तौर पर आए. उनकी सादगी और विनम्रता की गोवा और देश के लोगों द्वारा तारीफ की जानी चाहिए. वह एक साधारण इंसान और नेता हैं. देश को और गोवा को ऐसे नेताओं की जरूरत है.

63 वर्षीय पर्रिकर अग्नाशय संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं. राहुल और उनके बीच यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि ‘गोवा ऑडियो टेप’ प्रामाणिक हैं और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के पास इस मुद्दे से जुड़े ‘धमाका करने वाले राज हैं. कांग्रेस ने इस टेप का हवाला देते हुए राफेल मुद्दे पर केंद्र पर हमला किया था. गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा के संबोधन के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित होते ही राहुल गांधी दोपहर के करीब विधानसभा परिसर पहुंचे. कांग्रेस के विधायकों ने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिषकार किया. वहां पहुंचने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री के चैम्बर में उनसे मुलाकात की.

इसके बाद वह कांग्रेस विधायकों से 10 मिनट मुलाकात करने के बाद वहां से चले गये. कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्रकारों से बात करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें देरी हो रही है. राहुल गांधी के साथ पर्रिकर से मिलने पहुंचे गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा, यह पर्रिकर की तबीयत जानने के लिये हुई शिष्टाचार मुलाकात थी. उनका हाल-चाल जानने के अलावा कोई और बातचीत नहीं हुई. राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के साथ गोवा के निजी दौरे पर थे.

गोवा के नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विजय सरदेशाई ने कांग्रेस प्रमुख के पर्रिकर से मुलाकात को राजनीति में सकारात्मक घटनाक्रम बताया. कांग्रेस अध्यक्ष के विधानसभा परिसर से जाने के बाद सरदेशाई ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री से पूछा था. उन्होंने मुझसे कहा था कि चार पांच बार राहुल गांधी ने उनके (पर्रिकर के) बेटे को फोन कर तबीयत के बारे में पूछा था. उन्होंने कहा, ‘राजनीति में यह सकारात्मक घटनाक्रम है. देश में राजनीतिक नेतृत्व अपने प्रतिद्वंद्वियों के स्वास्थ्य और उनकी सेहत को लेकर भी फिक्रमंद है, यह ऐसी चीज है जिसकी सराहना की जानी चाहिए.