पणजी: गोवा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक और झटका देते हुए, पार्टी विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक ने मंगलवार को राज्य विधानसभा से अपना इस्तीफा दे दिया. नाइक के इस्तीफे के साथ, 40 सदस्यीय राज्य विधानसभा में कांग्रेस का संख्याबल घटकर तीन हो गया है. गोवा में पोंडा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले नाइक ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर को अपना इस्तीफा सौंपा. उनके साथ उनके दो बेटे भी थे, जो पिछले साल सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हुए थे.Also Read - UP Election 2022: योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में घर-घर मांगे वोट, कैराना और हज हाउस का ज़िक्र किया

नाइक ने अपना इस्तीफा सौंपने के बाद यहां संवाददाताओं से कहा, मैंने इस्तीफा दे दिया. मैं आपको बता दूंगा कि आगे क्या योजना है. सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गोवा चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में दिन में नाइक के भाजपा में शामिल होने की उम्मीद है. रवि नाइक के छोटे बेटे रॉय नाइक ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से भाजपा में शामिल होने का अनुरोध किया है. Also Read - Uttarakhand Assembly Election 2022: कांग्रेस ने उत्तराखंड के लिए 53 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की, हरिश रावत का नाम नहीं शामिल

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इससे पहले, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री लुइज़िन्हो फलेरियो ने सितंबर में कांग्रेस विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दिया था और बाद में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे. नाइक के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडानकर ने कहा कि पार्टी ने बहुत पहले ही उनसे नाता तोड़ लिया था और आगामी राज्य चुनाव के लिए उन्हें पार्टी का प्रत्याशी बनाने पर विचार भी नहीं किया गया था.

राज्य के 2017 के विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, 13 सीटें जीतने वाली भाजपा ने तटीय राज्य में सरकार बनाने के लिए कुछ क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ गठबंधन किया. तब से, कांग्रेस के कई विधायक पार्टी छोड़ कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं.

इस बीच, चोडानकर ने दावा किया कि नाइक के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि वह पार्टी में सिर्फ कहने के लिए मौजूद थे. कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा, उनका एक पैर पहले से ही भाजपा में था. उन्होंने पहले अपने बेटों को भाजपा में भेजा था. चोडानकर ने कहा कि कांग्रेस ने पोंडा विधानसभा क्षेत्र में नया नेतृत्व बनाना शुरू कर दिया है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडानकर ने कहा, ”हमने नाइक को पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं किया था. हमने बहुत पहले नाइक को खारिज कर दिया था.” कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि चुनाव से चार-पांच महीने पहले नाइक पार्टी छोड़ देंगे.

2017 के राज्य विधानसभा चुनावों के बाद से, कई कांग्रेस विधायकों ने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए. वालपोई विधायक विश्वजीत राणे ने सबसे पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था. बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए और इस सीट से उपचुनाव जीत लिया. राणे वर्तमान में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं. राणे के बाहर निकलने के तुरंत बाद, कांग्रेस के दो और विधायक – सुभाष शिरोडकर (जिन्होंने शिरोडा सीट का प्रतिनिधित्व किया) और दयानंद सोपटे (मंदरेम) ने भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ दी. इन दोनों ने बाद में मई 2019 में हुए उपचुनाव में जीत हासिल की.

गोवा कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका जुलाई 2019 में लगा था जब उसके 10 विधायकों के एक समूह ने तत्कालीन विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में पार्टी छोड़ दी थी. कावलेकर वर्तमान में प्रमोद सावंत के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं. वर्तमान में, कांग्रेस के राज्य में केवल तीन विधायक बचे हैं – विपक्ष के नेता दिगंबर कामत, एलेक्सो रेजिनाल्डो (कर्टोरिम विधानसभा सीट से) और प्रतापसिंह राणे (पोरीम सीट से).