नई दिल्ली: राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि गोवा के सभी स्कूलों में ‘पानी पीने के ब्रेक’ अब हर दिन स्कूल अवधि के दौरान छात्रों को दो मिनट के लिए दो अनिवार्य ब्रेक दिए जाएंगे. जिससे छात्रों को निर्जलीकरण (Dehydration) के शिकार होने से बचाया जा सके.

राज्य के शिक्षा विभाग के उपनिदेशक शैलेश सिनाई झिंगड़े द्वारा सभी विद्यालयों को एक परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जो स्कूल सरकार द्वारा वित्तीय पोषित हैं वे सभी स्कूलों में ‘पानी पीने के ब्रेक’ के लिए दिए जाने वाले दो मिनट के लिए दो अनिवार्य ब्रेक से संबंधित नियम शामिल हैं. इसके अलावा बिना मान्यता प्राप्त प्राथमिक, मध्य, उच्च-माध्यमिक और विशेष विद्यालय भी इसके अंतर्गत आते हैं.

इस कदम के पीछे का उद्देशय
इस तरह के कदम के पीछे तर्क यह है कि छात्रों को पर्याप्त पानी नहीं पीना है जो कभी-कभी निर्जलीकरण (Dehydration) के खतरे की ओर बढ़ता जाता है. निर्जलीकरण (Dehydration) छात्रों के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है.

सरकारी परिपत्र के अनुसार यह सुझाव दिया गया है कि प्रत्येक स्कूल में दूसरी अवधि और छठी अवधि के बाद प्रत्येक में दो मिनट का पानी पीने के लिए ब्रेक दिया जाएगा, जिसे एक छोटी घंटी के बजने से संकेत दिया जाएगा.