पणजी. गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर परोक्ष रूप से निशाना साधा. एक्टर अनुपम खेर अभिनीत फिल्म #The Accidental Prime Minister का जिक्र किए बगैर गवर्नर ने कहा कि ‘कुछ नेताओं को दूसरों की बदौलत पद मिल जाते हैं और उन्हें पद पर बनाए रखने की कुछ मजबूरियां होती हैं, चाहे भले ही वे अच्छा काम करें या नहीं करें.’ राज्यपाल ने गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित महिला नेतृत्व संगोष्ठी में ‘पाथवेज टू रिजिलिएंट’ विषय पर बोलने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक ‘एक्सिडेंटल लीडर’ को आसीन करते समय यह नहीं सोचा गया कि वह मुद्दों, विषयों की बारीकियों को समझता है या नहीं और ऐसा करने के पीछे सिर्फ कुछ मजबूरियां होती हैं.

हालांकि, उन्होंने मनमोहन सिंह का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पूर्व प्रधानमंत्री पर बनी बायोपिक ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ विवादों में हैं और सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है. सिन्हा ने कहा, “कई प्रकार के नेता होते हैं, उनमें से कुछ ‘एक्सिडेंटल’ भी हैं और दूसरों की बदौलत पद पर काबिज हो जाते हैं.” उन्होंने मौजूद लोगों से कहा, “उन्हें (नेता) बनाया जाता है और कुछ काम करने के लिए कहा जाता है. वह कितना काम कर सकते हैं, काम हुआ या नहीं, उनमें काबिलियत है या नहीं, उसने मुद्दों के समझा या अध्ययन किया या नहीं..इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता है. ऐसा करने के पीछे सिर्फ कुछ मजबूरियां होती हैं.”

उन्होंने कहा कि संगोष्ठी में वह किस विषय पर वह बोलेंगी, इस पर उन्होंने विचार किया और चिंतन किया कि कितने तरह के नेता होते हैं. राज्यपाल ने कहा, “सुबह जब मैं ध्यान कर रही थी तो महसूस किया कि कुछ नेता ‘एक्सिडेंटल’ हैं. वे अचानक (नेता) बने हैं. एक्सिडेंटल नेता…” हालांकि, राज्यपाल ने कहा कि यहां तक कि अचानक पद पर काबिज कर दिए जाने के बाद एक नेता भी अंतत: नेतृत्व की स्थिति में आने के बाद अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग हो जाता है. उन्होंने कहा कि एक नेता को संवेदनशील होना चाहिए और अगर उस शख्स में दूसरों की पीड़ा को समझने की काबिलियत नहीं है तो फिर वह सफल नेता नहीं बन सकता.

फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके संजय बारू द्वारा लिखी गई किताब पर आधारित है. 11 जनवरी को फिल्म रिलीज होने के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ता कुछ राज्यों में इसका विरोध कर रहे हैं. फिल्म में मनमोहन सिंह की भूमिका में अभिनेता अनुपम खेर हैं.