पणजी: गोवा में मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की बीमारी से परेशान भाजपा के लिए अब उसके सहयोगी दल भी मुसीबत बन रहे हैं. राज्य में भाजपा की गठबंधन साझीदार महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी ने शनिवार को मांग की कि मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी उसके नेता को दी जाए. पार्टी ने मांग नहीं मानने पर अगले चुनावों में भाजपा के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े करने की चेतावनी भी दी है. Also Read - कांग्रेस नेता ने कहा, पर्रिकर अब जीवित नहीं हैं, भाजपा ने नकारा

गोवा में भाजपा की सहयोगी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) ने शनिवार को चेतावनी दी है कि मनोहर पर्रिकर की बीमारी के चलते मुख्यमंत्री का पद उसके मंत्री सुदिन धवलिकर को दिया जाना चाहिए. एमजीपी ने आगाह किया कि यदि उसकी मांग नहीं मानी गयी तो वह राज्य में लोकसभा चुनाव एवं विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के विरुद्ध अपने प्रत्याशी उतारेगी. Also Read - सत्ता के भूखे लोग पर्रिकर को मुख्यमंत्री बने रहने के लिए मजबूर कर रहे: वेलिंगकर

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पर्रिकर अग्नाशय संबंधी बीमारी से ग्रस्त हैं तथा 14 अक्टूबर को नयी दिल्ली में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से छुट्टी पाने के बाद से अपने निवास पर ही स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं. दो विधानसभा सीट- मन्द्रेम और शिरोडा पिछले माह रिक्त हो गयी थी क्योंकि इनके विधायक क्रमश: दयानन्द सोप्ते एवं सुभाष शिरोडकर ने त्यागपत्र दे दिया था. दोनों ने भाजपा में शामिल होने के लिए कांग्रेस छोड़ दी थी.

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एमजीपी अध्यक्ष दीपक धवलिकर ने कहा, ‘‘पार्टी की केन्द्रीय समिति ने शनिवार को नेतृत्व के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की. मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर लंबे समय से बीमार हैं. इसकी वजह से पिछले आठ माह से प्रशासन पूरी तरह ठप हो गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘परिणामस्वरूप प्रशासन में अनुशासन एवं दक्षता लाने के लिए हम मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री पद का प्रभाव एमजीपी के वरिष्ठ नेता सुदिन धवलिकर को दिया जाए.’’ एमजीपी भाजपा नीत गठबंधन का हिस्सा है जिसमें गोवा फॉरवर्ड पार्टी और तीन निर्दलीय शामिल हैं.