
Gargi Santosh
मेरा नाम गार्गी संतोष है. मुझे मीडिया क्षेत्र में काम करते हुए चार साल हो चुके हैं. इस समय मैं Zee Media के India.com में सब एडिटर के रूप में ... और पढ़ें
गोवा के एक नाइट क्लब में लगी भीषण आग ने देशवासियों को हैरान कर दिया. क्लब में चल रही मस्ती कुछ ही पलों में चीख-पुकार में बदल गई और 25 लोगों की मौत हो गई. अब मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हादसे की असल वजह बताई है. उन्होंने कहा शुरुआती जांच में पता चला है कि आग इलेक्ट्रिक पटाखे की वजह से लगी, जो क्लब के अंदर इस्तेमाल किए गए थे. हादसे से जुड़े वीडियो में देखा गया कैसे लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे. मगर, धुआं और आग तेज होने के कारण कई लोग बाहर ही नहीं निकल सके.
हादसे के बाद पुलिस ने क्लब मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ FIR दर्ज की. फिलहाल, दोनों ही फरार बताए जा रहे हैं. वहीं, चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजवीर सिंघानिया और गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा पंचायत सरपंच रोशन रेडकर को भी हिरासत में लिया गया है. क्योंकि उन पर 2013 में इस परिसर को गलत तरीके से लाइसेंस जारी करने का आरोप लगाया गया है.
सीएम प्रमोद सावंत ने हादसे को गंभीर लापरवाही बताते हुए तुरंत मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए. सीएम ने मुख्य सचिव, डीजीपी, आईजीपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इमरजेंसी मीटिंग की और स्पष्ट निर्देश दिए कि इस घटना के लिए दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. साथ ही सीएम ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है.
— Dr. Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) December 7, 2025
हादसे के बाद राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने गोवा में चल रहे सभी नाइट क्लब, रेस्टोरेंट, बार, इवेंट वेन्यू और इसी तरह की जगहों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें सभी को वैध फायर एनओसी बनाए रखने और फायर सर्विस डिपार्टमेंट द्वारा बताए गए सभी नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि तय ऑक्यूपेंसी लिमिट और मैक्सिमम कैपेसिटी का ध्यान रखें और अपने यहां ज्यादा भीड़ न होने दें.
एडवाइजरी में कहा गया है कि सभी इमरजेंसी एग्जिट और बचने के रास्तों को रोशनी वाले एग्जिट साइन, इवैक्युएशन मैप और इमरजेंसी लाइटिंग से खुला रखें. हर शिफ्ट के लिए एक फायर सेफ्टी ऑफिसर नियुक्त करें और तय समय पर डॉक्यूमेंटेड इवैक्युएशन ड्रिल करें.
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. पीएम ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पीड़ितों के लिए संवेदना प्रकट की.
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