पणजी. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गोवा इकाई के पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकर ने दावा किया है कि वर्तमान राजनीतिक हालात में भगवान राम को भी चुनाव जीतने के लिए पैसा खर्च करना पड़ता. वह बुधवार को पणजी में गोवा सुरक्षा मंच (जीएसएम) के युवा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘चुनाव के दौरान राजनीतिज्ञ दो तरह के लोगों- युवा एवं महिलाओं को नकद या उपहार की पेशकश कर लुभाने में व्यस्त रहते हैं. वह उन्हें सीधे-साधे लगते हैं.’ वेलिंगकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जबकि सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के मुद्दे को लेकर सुनवाई चल रही है. वहीं, गोवा में सीएम मनोहर पर्रिकर के बीमार पड़ने के बाद बदले सियासी हालात में कांग्रेस द्वारा सरकार बनाने की पेशकश करने को लेकर, सियासी जानकार वेलिंगकर के बयान को महत्वपूर्ण बता रहे हैं.

आरएसएस के पूर्व नेता सुभाष वेलिंगकर ने कहा, ‘वर्तमान स्थिति में चुनावों के दौरान धन की ताकत के अंधाधुंध इस्तेमाल के चलते भगवान राम भी जब तक पैसा खर्च नहीं करते उन्हें नहीं चुना जाता.’ उन्होंने 2017 में गोवा विधानसभा चुनावों के मौके पर अपना अलग दल जीएसएम बना लिया था. स्कूली शिक्षा में भाषा के माध्यम के मुद्दे को लेकर भाजपा मंत्री मनोहर पर्रिकर से विवाद होने के बाद उन्होंने इस दल का गठन किया था. उन्होंने भाजपा पर ‘नैतिकता खोने और देश की दूसरी पार्टियों जैसे कृत्यों में लिप्त होने’ के आरोप लगाए.

वेलिंगकर ने दो बीमार मंत्रियों को राज्य मंत्रिमंडल से बाहर करने के फैसले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘पर्रिकर ने दो मंत्रियों को बीमार होने के चलते कैबिनेट से बाहर कर दिया लेकिन वह खुद गंभीर रूप से बीमार होने के बावजूद अपने पद पर बने हुए हैं.’ संघ के सक्रिय नेता रहे सुभाष वेलिंगकर ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा भ्रष्टाचार रोकने के दावों पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘भाजपा भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करने की बात करती है लेकिन मुझे कोई एक भी मंत्री ऐसा दिखा दीजिए जो पैसा नहीं बना रहा है.’

(इनपुट – एजेंसी)