स्वर्ण मंदिर परिसर में बुधवार को तनाव फैला रहा। चरमपंथी सिखों ने तलवारें लहराईं और काले झंडे दिखाए। ये लोग अकाल तख्त के प्रमुख जत्थेदार गुरबचन सिंह द्वारा दिवाली पर सिखों को संदेश देने का विरोध कर रहे थे।Also Read - Jammu and Kashmir: आतंकवादियों से 'सहानुभूति' रखने वाले 700 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए, 40 शिक्षक भी तलब

सादे कपड़ों में बड़ी संख्या में पुलिसवालों की मौजूदगी के बावजूद धान सिंह मांड अकाल तख्त के सामने पहुंचने में कामयाब रहे। इन्हें अनौपचारिक सरबत खालसा के जरिए गुरबचन सिंह की जगह अकाल तख्त का प्रमुख जत्थेदार बनाया गया है। मांड न सिर्फ यह कि अकाल तख्त के सामने पहुंच गए बल्कि सिखों को संबोधित भी किया। Also Read - काबुल में संदिग्ध तालिबानी लड़ाकों ने गुरुद्वारा करते परवान में की तोड़फोड़, ताले भी तोड़े

मांड ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया। Also Read - पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का जीना मुहाल, पेशावर में सिख हकीम की गोली मारकर हत्या

अच्छी बात यह रही कि नरमपंथियों और चरमपंथियों के बीच किसी तरह का सीधा टकराव नहीं हुआ।